विधानसभा चुनावों के नतीजों से उत्साहित भाजपा ने अब लोकसभा के सियासी महासमर की तैयारी तेज कर दी है। लोकसभा के 272 के जादुई आंकड़े पर नजर गढ़ाए भाजपा अब प्रत्येक राज्य की चुनावी तैयारी के लिए अलग-अलग ब्लू प्रिंट तैयार करेगी।
केंद्रीय चुनाव अभियान समिति की एक दिनी बैठक में पार्टी चुनावी जंग की रणनीति का खाका तैयार कर लेगी। भाजपा जनवरी के अंत तक लोकसभा के लिए कम से कम 70 फीसदी उम्मीदवारों के नाम भी तय कर लेना चाहती है।
इसलिए मंगलवार की बैठक में पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से लेकर पार्टी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, सभी प्रदेश अध्यक्षों और संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य विचार-मंथन करेंगे।
जेटली की अध्यक्षता में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक
इस बैठक की तैयारी के लिए सोमवार को अरुण जेटली की अध्यक्षता में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इस बैठक में मंगलवार की बैठक का एजेंडा तय किया गया।
चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार चुनाव अभियान समिति चुनाव प्रचार, प्रत्याशियों के चयन से लेकर केंद्र सरकार खासतौर पर कांग्रेस के खिलाफ अभियान को और आक्रामक बनाने की रणनीति तय करेगी।
चूंकि प्रत्येक राज्य की राजनीतिक व सामाजिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए उन्हें ध्यान में रखकर सभी राज्यों की चुनाव तैयारी के लिए अलग-अलग ब्लू प्रिंट तैयार किए जाएंगे।
कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक अभियान
बैठक में महंगाई, भ्रष्टाचार, कुशासन व विकास जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के खिलाफ किस तरह से आक्रामक अभियान चलाया जाए, इस पर भी विचार होगा।
पार्टी चुनाव प्रचार के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के साथ ही प्रचार के परंपरागत तौरतरीकों को भी प्राथमिकता देगी। चुनाव अभियान समिति की बैठक के बाद भाजपा लोकसभा के लिए प्रत्याशियों के चयन पर जुटेगी।
संभावित प्रत्याशियों की सूचियां तैयार
राज्य इकाइयों को संभावित प्रत्याशियों की सूचियां तैयार करने के लिए पहले ही कहा जा चुका है। चुनाव अभियान समिति की उप समितियों से भी चुनाव तैयारी पर अपनी-अपनी रिपोर्ट देने को पहले ही कहा जा चुका है।
इस एक दिनी बैठक में पार्टी के पितामह लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ व मोदी से लेकर सभी वरिष्ठ नेता व सभी मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।