श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया की जीत में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का योगदान काफी सराहनीय रहा है। जसप्रीत बुमराह इन दिनों टीम इंडिया की सफलता की गारंटी बन गए हैं। बुमराह ने पांच वन डे मैचों की सीरीज में 15 विकेट लिए। पांच वन डे मैचों की सीरीज में यह विकेटों का रिकॉर्ड है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के क्लिंट मैके ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच वन डे में 2010 में 14 विकेट लिए थे। बुमराह वन डे में सफल हो चुके हैं। लेकिन उनका सपना टेस्ट टीम में शामिल होने का है। वो देश की तरफ से टेस्ट खेलना चाहते हैं।
गेंदबाजी में और निखार लाना होगा
जसप्रीत बुमराह
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बुमराह के बचपन के कोच किशोर त्रिवेदी का इस पर कहना है कि जसप्रीत बुमराह अभी अपनी गेंदबाजी की स्ट्रेंथ और बढ़ा सकते हैं। टेस्ट में खेलने से पहले उनको अपनी गेंदबाजी में और निखार लाना होगा। किशोर त्रिवेदी ने कहा कि बुमराह के प्रदर्शन के बाद चयनकर्ता निश्चित रूप से उसकी गेंदबाजी का विश्लेषण कर रहे हैं। उसे टेस्ट खेलने का मौका मिलना चाहिए। लेकिन टेस्ट में खेलने से पहले बुमराह को अपनी गेंदबाजी में और भिन्नताएं लानी होंगी। उसके पास इन स्विंग और आउट स्विंग का बेहतर समन्वय है। यार्कर और स्लोवर वन भी वह बेहतर डालते हैं। उसे लंबे स्पेल फेंकने के लिए अपनी स्ट्रेंथ को बढ़ाना चाहिए। त्रिवेदी ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि बुमराह के पास टेस्ट खेलने की पूरी क्षमता है। लेकिन अभी उसे और मेहनत करनी होगी।
एक्शन है बुमराह का हथियार
बुमराह
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बुमराह अहमदाबाद के निर्माण हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही त्रिवेदी के संपर्क में आए थे। त्रिवेदी ने कहा कि बुमराह जब आठवीं कक्षा में पढ़ते थे, उसी समय से मैंने उन्हें तीन साल का कोचिंग-प्रशिक्षण दिया। शुरुआत में बुमराह बेहतर गेंदबाज नहीं थे। लेकिन धीरे धीरे उनमें सुधार आता गया। त्रिवेदी ने कहा कि बुमराह जब कभी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते तो वह निराश होने के बजाय और बेहतर करने के लिए बेचैन हो जाते हैं। यह लक्षण उन्हें औरों से अलग करता है। त्रिवेदी ने कहा कि बुमराह का एक्शन ही उसका हथियार है। अधिकांश लोगों ने बुमराह को एक्शन चेंज करने के लिए कहा, लेकिन मैंने उसे यही एक्शन अपनाने को कहा था। उन्होंने कहा कि बुमराह अपने एक्शन की वजह से ही अब तक सफल होते आए हैं।