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Duleep Trophy: 'जो भी कठोर कदम मैंने उठाए हैं, उसकी वजह...', बीसीसीआई सचिव ने श्रेयस-ईशान को लेकर दिया यह बयान

Sat, 17 Aug 2024 12:16 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अय्यर और किशन दोनों आगामी दलीप ट्रॉफी का हिस्सा हैं जो पांच सितंबर से शुरू होने वाली है। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा है कि बीसीसीआई की कठोर कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों खिलाड़ियों ने यह फैसला लिया है।
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खेल जगत की रोचक खबर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य कर दिया है। वैसे क्रिकेटर जो फिट हैं और राष्ट्रीय ड्यूटी पर नहीं हैं, उन्हें घरेलू टूर्नामेंट खेलना होगा। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करना का शिकार हो चुके हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को बीसीसीआई द्वारा इस साल के शुरू में घोषित केंद्रीय अनुबंधों की सूची से बाहर रखा गया था, क्योंकि वे फिट होने और अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर होने के बावजूद घरेलू मैचों में नहीं खेल पाए थे।
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अय्यर और किशन दोनों आगामी दलीप ट्रॉफी का हिस्सा हैं जो पांच सितंबर से शुरू होने वाली है। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा है कि बीसीसीआई की कठोर कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों खिलाड़ियों ने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, 'अगर आप दलीप ट्रॉफी टीम को देखो तो रोहित और विराट के अलावा बाकी सभी खिलाड़ी खेलते दिखेंगे। मेरे द्वारा उठाए गए कठोर कदमों के कारण ही श्रेयस अय्यर और ईशान किशन दलीप ट्रॉफी खेल रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'हम थोड़े सख्त रहे हैं। जब रवींद्र जडेजा चोटिल थे तो मैंने ही उन्हें फोन किया था और घरेलू मैच खेलने को कहा था। अब यह तय है कि जो भी चोटिल होकर बाहर जाएगा, वह घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस साबित करने के बाद ही भारतीय टीम में आ सकता है।' कार्यभार प्रबंधन के तहत विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को आराम करने की अनुमति दी गई है। भारत अब एक महीने बाद अपना अगला मैच खेलेगा। बांग्लादेश के खिलाफ 19 सितंबर से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी।
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जय शाह ने कहा, 'विराट और रोहित को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए कहकर उन पर और बोझ डालने का कोई मतलब नहीं बनता। उनके घायल होने का खतरा रहता है। आपको इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को भी देखना होगा। उनका कोई भी शीर्ष खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट नहीं खेलता है। हमें अपने खिलाड़ियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और उनके साथ नौकरों जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।'
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