आखिरकार शशांक मनोहर बीसीसीआई के एक बार फिर अध्यक्ष चुन लिए गए। मुंबई में रविवार को बोर्ड की विशेष आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष चुना गया। अमर उजाला के खुलासे के मुताबिक उनके समर्थन में पूर्व क्षेत्र के सभी छह प्रतिनिधियों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें नेशनल क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष और जगमोहन डालमिया के बेटे अभिषेक डालमिया और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी शामिल हैं।
अध्यक्ष बनते ही मनोहर ने बोर्ड में सुधाररूपी सफाई अभियान की घोषणा कर दी। इन सुधारों को दो माह के अंदर उन्होंने लागू करने की घोषणा की है। यह वे सुधार माने जा रहे हैं जिन्हें जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी का फैसला आने के बाद लागू किया जाना था।
बोर्ड को सूचना के अधिकार के कानून के तहत लाने की लंबे समय से मांग उठ रही है। इसके मद्देनजर मनोहर ने बोर्ड की ओर से 25 लाख रुपये से ऊपर होने वाले सारे खर्चों का ब्योरा बोर्ड की वेबसाइट पर डालने की घोषणा की है। साथ ही साल के अंत में बोर्ड के खर्चों का क्या लेखा-जोखा रहा है। उसकी बैलेंस शीट भी वेबसाइट पर डाली जाएगी।
अध्यक्ष बनने के बाद मनोहर ने सबसे पहले खुद यानि की अध्यक्ष की शक्तियों पर कैंची चलाई। उन्होंने घोषणा की कि अब बोर्ड की सालाना आम सभा की बैठक में चेयरमैन के पास विशेष परिस्थितियों में वोट डालने का अधिकार नहीं होगा। अध्यक्ष बतौर सदस्य तो वोट डाल सकेगा, लेकिन बतौर चेयरमैन उसे वोट डालने का अधिकार नहीं होगा।