राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज और आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में सरकारी गवाह बने सिद्धार्थ त्रिवेदी को बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर सकता है।
हालांकि सिद्धार्थ स्पॉट फिक्सिंग में किसी तरह से शामिल नहीं हैं लेकिन उनकी मुश्किलें इसलिए बढ़ सकती हैं क्योंकि उन्होंने आईपीएल के दौरान बुकीज के संपर्क करने पर भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई को इसकी जानकारी नहीं दी थी।
बीसीसीआई इसी बात से खफा है और उन्हें निलंबित करने के बारे में सोच रहा है।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘सिद्धार्थ ने टूर्नामेंट के दौरान कथित तौर पर बुकीज के उनसे संपर्क करने की जानकारी न तो आईपीएल प्रशासन को दी और न ही भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई को दी। ऐसे में उन्हें जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच पूरी होने तक निलंबित किया जा सकता है।’
आईपीएल-6 के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में कथित रूप से शामिल होने के कारण सिद्धार्थ के साथी खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया गया था।
सिद्धार्थ ने पुलिस को बुकीज और फिक्सिंग के संबंध में जानकारी दी थी और सरकारी गवाह बनकर गत माह दिल्ली की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान भी दर्ज कराया था।
डालमिया आईसीसी की सालाना काफ्रेंस में हिस्सा लेंगे
बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया 23 जून को लंदन में होने वाली आईसीसी की सालाना काफ्रेंस में हिस्सा ले सकते हैं।
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘डालमिया लंदन में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। निश्चित तौर पर इस प्लान में अभी तक कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है।’ इस बैठक में आईसीसी डीआरएस पर फैसला ले सकती है कि क्या इसे सभी टेस्ट खेलने वाले देशों पर लागू किया जा सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डालमिया इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं क्योंकि एन श्रीनिवासन ने हमेशा डीआरएस के इस्तेमाल का विरोध किया है। इस बारे में डालमिया ने कहा, ‘बीसीसीआई को डीआरएस पर फैसला लेना है इसलिए अभी इस बारे में मेरा टिप्पणी करना सही नहीं होगा जब तक कि मैं इससे जुड़े सभी दस्तावेज न देख लूं। एक बार मैं दस्तावेज देख लूं उसके बाद सबकुछ साफ हो जाएगा।’