सहारा क्यू शॉप के विज्ञापन में मिलावट रहित उत्पाद का दावा करने वाले भारतीय क्रिकेटर भ्रामक विज्ञापन के मामले में फंस गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर, सहवाग समेत छह क्रिकेटरों के खिलाफ एडीएम हरिद्वार की कोर्ट में वाद दायर किया है।
क्रिकेटरों के अलावा सहारा के प्रबंध कार्यकर्ता सुब्रतो राय सहारा समेत अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, अभिनेता ऋतिक रोशन को भी विभाग ने पार्टी बनाया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने 26 दिसंबर 2012 को बहादराबाद हरिद्वार स्थित सहारा क्यू शॉप के गोदाम से सरसों के तेल का सैंपल भरा था।
इसे प्रयोगशाला में जांच को भेजने के साथ ही विभाग ने चार जनवरी 2013 को बांद्र्रा-ई मुंबई स्थित सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट रेंज लिमिटेड को नोटिस जारी किया था।
जिसमें सहारा क्यू शॉप के टीवी, आफिशियल वेबसाइट और यूट्यूब पर दिखाए जाने वाले 30 और 90 सेकेंड के दो अलग-अलग विज्ञापनों को भ्रामक बताते हुए उनका आधार पूछा था।
विभाग ने सहारा क्यू शॉप की वेबसाइट पर कंपनी के चेयरमैन के संदेश के कुछ कथनों पर भी आपत्ति जताते हुए जवाब मांगा था।
इस बाबत सहारा क्यू शॉप की ओर से जवाब में विज्ञापनों की बात स्वीकारी गई।
लेकिन कंपनी ने अपने दावों को सही बताया। दूसरी ओर रुद्रपुर लैब की जांच में सरसों के तेल को लेबल कंडीशन पर मिस लीडिंग पाया गया।
वहीं पूना स्थित सेंट्रल लैब से जांच कराई तो 25 मार्च 2013 को भेजी गई लैब रिपोर्ट में सरसों के तेल को सब स्टैंडर्ड पाया गया।
लैब ने अपनी रिपोर्ट में सरसों के तेल में किसी दूसरे तेल की मिलावट होने की बात कही।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि एक तरफ कंपनी मिलावट रहित उत्पाद होने का दावा करती है। दूसरी ओर लैब जांच में मिलावट युक्त खाद्य पदार्थ होने की पुष्टि होती है।
ऐसे में सहारा क्यू शॉप का विज्ञापन करने वाले भारतीय क्रिकेट सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, गौतम गंभीर, सुरेश रैना, जहीर खान, फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन, प्रियंका चोपड़ा और कंपनी के चेयरमैन सुब्रतो राय के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 24 और 53 के तहत एडीएम हरिद्वार की कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
जबकि उत्पाद निर्माता एवं सप्लायर सहारा क्यू शॉप और जयपुर की आरएनजे ऑयल फै ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी अधिनियम की धारा 23, 24, 26 और 27 के तहत वाद दायर किया गया है।