भारत की समस्या यह है कि महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक जैसे बल्लेबाजों को अब तक क्रीज पर समय बिताने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। अगर शीर्ष क्रम नहीं चल पाता है तो इन तीनों को अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। इनमें दिनेश कार्तिक ने सर्वाधिक 78 गेंदें खेली हैं।
हांगकांग के खिलाफ 33 रन बनाए जबकि पाक के खिलाफ ग्रुप मैच में नाबाद 31 और बांग्लादेश के खिलाफ एक रन पर नाबाद रहे। पाकिस्तान के खिलाफ सुपर फोर में तो खैर भारतीय ओपनरों ने ही जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया था। अंबाती रायडू तो रोहित के साथ जीत की औपचारिकता पूरी करने आए थे। धोनी हांगकांग के खिलाफ खाता नहीं खोल पाए थे और बांग्लादेश के खिलाफ नंबर चार पर उतरकर 33 रन बनाए लेकिन तब टीम पर दबाव नहीं था। जाधव को सिर्फ हांगकांग के खिलाफ बल्लेबाजी का मौका मिला जिसमें उन्होंने 28 रन बनाए।
अगर राशिद खान और मुजीब उर रहमान दबाव बनाते हैं तो फाइनल से पहले यह मध्यक्रम के लिए अच्छा अभ्यास मैच हो सकता है। भारतीय कप्तान टॉस जीतने पर पहले बल्लेबाजी का फैसला कर सकता है जिससे टीम को पूरे 50 ओवर खेलने को मिलें क्योंकि भारतीय गेंदबाजों ने अब तक विरोधी टीमों पर कहर बरपाने में कसर नहीं छोड़ी है तथा सभी गेंदबाजों का इकोनोमी रेट पांच रन प्रति ओवर से कम है।
भारतीय स्पिनरों ने शानदार भूमिका निभाई है। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने कसी हुई गेंदबाजी की है जबकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने डेथ ओवरों में अपनी यार्कर से बेजोड़ गेंदबाजी की है। भुवनेश्वर कुमार ने भी निरंतर अच्छी गेंदबाजी की है। भारत फाइनल से पहले बुमराह और भुवनेश्वर को इस मैच में विश्राम दे सकता है। ऐसे में दीपक चाहर, सिद्धार्थ कौल और खलील अहमद में से किन्हीं दो को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है।
जहां तक अफगानिस्तान की बात है तो मजबूत भारत पर जीत दर्ज करके वह अपने अभियान का अच्छा अंत करना चाहेगा। उसने टूर्नामेंट में लगातार अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी लेकिन अनुभव की कमी उसके आड़े आई। ग्रुप चरण में श्रीलंका और बांग्लादेश को हराने के बाद अफगानिस्तान सुपर फोर मैचों में पाकिस्तान और बांग्लादेश से करीबी अंतर से हार गया। बांग्लादेश के खिलाफ उसे अंतिम ओवर में आठ रन चाहिए थे लेकिन उसके बल्लेबाजों के पास मुस्ताफिजुर रहमान की विविधतापूर्ण गेंदों का जवाब नहीं था।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, अंबाती रायडु, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, दीपक चाहर, सिद्धार्थ कौल, मनीष पांडे में से।
अफगानिस्तान : मोहम्मद शहजाद, इहसानुल्लाह जमात, जावेद अहमदी, रहमत शाह, असगर अफगान (कप्तान), हस्मत शाहिदी, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नेब, राशिद खान, नजीबुल्लाह जादरान, मुजीब उर रहमान, आफताब आलम, समीउल्लाह शेनवारी, मुनीर अहमद, सईद अहमद शेरजाद, अशरफ , मोमांद वफादार में से।