मेजबान इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया बुधवार से यहां शुरू होने वाले एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
नए और युवा खिलाड़ियों से सजी ऑस्ट्रेलिया की चुनौती उस इंग्लैंड टीम से है जो लगातार शानदार फार्म में चल रही है और उसे इस बार फिर प्रबल दावेदार बताया जा रहा है।
पिछली सफलताओं से इंग्लैंड टीम के कप्तान एलिस्टर कुक आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। यह वो इंग्लैंड टीम से जिसने भारतीय टीम को उसी के घर में शिकस्त दी थी।
मेजबान टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी भी पूरे शबाब में है और उसे अपने घर में खेलने का फायदा भी मिलेगा। लंबे अर्से बाद इंग्लिश टीम में केविन पीटरसन की वापसी हुई है और चोट के कारण न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर रहने के बाद मध्यक्रम में उन्हें वापिस बुलाया गया है। पीटरसन की वापसी मेजबानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
दूसरी ओर, चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क के लिए यह सीरीज किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया को पिछली टेस्ट सीरीज में भारत ने अपने घर में 4-0 से करारी शिकस्त दी थी।
इस दौरे पर मैदान के अंदर खराब प्रदर्शन के अलावा टीम में आपसी खींचतान भी साफ दिखाई दी।
हालांकि कप्तान क्लार्क ने माना है कि वह दबाव में नहीं हैं। क्लार्क ने कहा, ‘मैंने पढ़ा है कि इस सीरीज से एक कप्तान के तौर पर मेरी प्रतिष्ठा या तो बन जाएगी या खराब हो जाएगी। लेकिन मैं ऐसा कुछ भी नहीं मानता। मैं मानता हूं कि अगले दस एशेज टेस्ट भी एक कप्तान या खिलाड़ी के तौर पर मुझे परिभाषित नहीं करेंगे।’