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Ajinkya Rahane: 18 महीने टीम से बाहर रहे, कॉन्ट्रैक्ट भी गंवाया, अब 'फाइनल' टेस्ट में भारत के लिए बने संकटमोचक

Fri, 09 Jun 2023 08:11 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, स्कॉट बोलैंड और कैमरन ग्रीन जैसे गेंदबाजों से सजी ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग लाइन अप के सामने रहाणे ने बहादुरी से बल्लेबाजी की और भारत को सम्मानजनक स्कोर तक ले गए।
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अजिंक्य रहाणे ने बेहतरीन पारी खेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ओवल में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जा रहा है। कंगारुओं ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 469 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही। भारत ने अपनी पहली पारी में एक वक्त 71 रन पर ही चार विकेट गंवा दिए थे। ये चार विकेट टीम इंडिया के उन चार खिलाड़ियों के थे, जिन पर टीम को चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी थी- कप्तान रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली।
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हालांकि, ये चारों फेल रहे और पूरी जिम्मेदारी कई महीनों बाद टीम में वापसी कर रहे अजिंक्य रहाणे और रवींद्र जडेजा के कंधों पर आ टिकी। जडेजा तो 48 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन रहाणे मैदान पर जमे रहे। मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, स्कॉट बोलैंड और कैमरन ग्रीन जैसे गेंदबाजों से सजी ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग लाइन अप के सामने रहाणे ने बहादुरी से बल्लेबाजी की और भारत को सम्मानजनक स्कोर तक ले गए।



रहाणे को पारी के दौरान कई बार चोट लगी
पारी के दौरान रहाणे को चोट भी लगी। कभी अंगुलियों पर तो कभी बांह में वह लगातार चोट सहते रहे, दर्द भी सहा, लेकिन फिर भी लड़ते रहे। रहाणे पिछले साल जनवरी में टीम से बाहर हुए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। पिछले साल जनवरी-फरवरी में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए वह टीम में शामिल नहीं किए गए थे। इसके बाद सीधे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए ही भारतीय टीम में शामिल हुए। इस दौरान उन्हें क्या कुछ नहीं सहना पड़ा। इस साल के बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उनका नाम शामिल नहीं था। 

रहाणे को बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट से भी निकाला गया

2022 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में रहाणे को ग्रेड बी में रखा गया था। वहीं, इस साल के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उन्हें ग्रेड-सी तक में जगह नहीं मिली। बीसीसीआई ए+ ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ रुपये देता है, जबकि ए ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को पांच करोड़ और बी ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को तीन करोड़ और सी ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये देता है। रहाणे ने अब तक टेस्ट की 141 पारियों में 5020 रन बनाए हैं। इस 89 रन की पारी के साथ उन्होंने टेस्ट में पांच हजार रन भी पूरे किए। 

ICC टूर्नामेंट्स के फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों का हाईएस्ट स्कोर
खिलाड़ी स्कोर खिलाफ साल टूर्नामेंट
सौरव गांगुली 117 NZ 2000 चैंपियंस ट्रॉफी
गौतम गंभीर 97 SL 2011 वनडे वर्ल्ड कप
एमएस धोनी 91* SL 2011 वनडे वर्ल्ड कप
अजिंक्य रहाणे 89 AUS 2023 WTC 
वीरेंद्र सहवाग 82 AUS 2003 वनडे वर्ल्ड कप

2020 दिसंबर से नहीं लगा पाए हैं शतक

रहाणे दिसंबर 2020 के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगा पाए हैं, न ही डब्ल्यूटीसी फाइनल में वापसी से पहले कोई बड़ी पारी खेल पाए थे। दिसंबर 2020 के बाद से पिछले साल टीम से बाहर होने तक वह टेस्ट में सिर्फ तीन अर्धशतक लगा पाए थे। इसका खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ा था। हालांकि, वापसी करते ही उन्होंने न सिर्फ अर्धशतक जड़ा बल्कि भारतीय टीम को फॉलोऑन खेलने से बचा लिया। रहाणे के लिए आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स से खेलना भी अहम साबित हुआ। वहां कुछ अच्छी पारियों से मिले आत्मविश्वास से रहाणे ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जैसे मंच पर 89 रन की शानदार पारी खेली।

जडेजा और शार्दुल के साथ अहम साझेदारियां

71 रन पर चार विकेट गिर जाने के बाद रहाणे ने पहले रवींद्र जडेजा के साथ 71 रन की अहम साझेदारी निभाई। जडेजा 48 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद रहाणे ने टेस्ट करियर का 26वां अर्धशतक पूरा किया। साथ ही शार्दुल ठाकुर के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी निभाई। ऐसा लग रहा था कि रहाणे दिसंबर 2020 से चल रहे शतकों के सूखे को खत्म कर देंगे। फॉलोऑन बचाने के लिए टीम इंडिया को 269 रन बनाने थे और रहाणे-शार्दुल ने मिलकर टीम इंडिया को 261 रन तक पहुंचा दिया। तभी रहाणे को पैट कमिंस ने आउट किया। 

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भारतीय पारी के 62वें ओवर की आखिरी गेंद पर कमिंस ने रहाणे को गली में कैच कराया। हालांकि, यहां उनकी किस्मत खराब रही और गेंद फील्डर कैमरन ग्रीन के हाथों में चिपक गई। रहाणे भारत के संकटमोचक बन कर आए। कमेंट्री कर रहे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और हरभजन सिंह ने रहाणे की इस पारी को शतक से भी बढ़कर बताया है। रहाणे की इस पारी ने उन आलोचकों के मुंह पर भी करारा तमाचा जड़ा है जो उन पर सवाल उठा रहे थे। इस पारी से जरूर उनके करियर को जीवनदान मिलेगा।

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