बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का जाना लगभग तय हो गया है।
बोर्ड सदस्यों के श्रीनिवासन के खिलाफ खुलकर बगावत करने के बाद डीडीसीए के अध्यक्ष अरुण जेटली ने कहा है कि 24 घंटे का समय दिया जाए उसके बाद सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।
शुक्रवार को पहले कोषाध्यक्ष अजय शिर्के और उसके बाद सचिव संजय जगदाले ने श्रीनिवासन के अड़ियल रवैये के खिलाफ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
जगदाले ने अपने आपको को बोर्ड की ओर से स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच को गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी से भी अलग कर लिया है।
पांच उपाध्यक्षों का इस्तीफा देना तय
यही नहीं बोर्ड में पांच क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच उपाध्यक्षों का भी इस्तीफा देना तय माना जा रहा है।
ICC ने BCCI को नहीं दी कोई चेतावनीः श्रीनिवासन
बोर्ड में उत्तर क्षेत्र से अरुण जेटली, पूर्व से चित्रक मित्रा, दक्षिण से शिवलाल यादव, मध्य से सुधीर दाबिर व पश्चिम क्षेत्र से निरंजन शाह बतौर उपाध्यक्ष प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर इन पांचों उपाध्यक्ष का इस्तीफा हो जाता है तो श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद से जबरन हटाया जाना तय है।
8 जून को बीसीसीआई की बैठक
हालांकि बोर्ड अध्यक्ष ने 8 जून को स्पॉट फिक्सिंग मामले पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। लेकिन अब इस बैठक का कोई मतलब नहीं रह गया है। माना जा रहा है इससे पहले ही श्रीनिवासन को हटाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
अजय शिर्के और संजय जगदाले के इस्तीफे में बोर्ड के एक पूर्व अध्यक्ष की ताकत का हाथ बताया जा रहा है। यहां से इशारा मिलते ही इन दोनों अधिकारियों ने अपने पदों से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।
शिर्के ने पहले ही इशारा कर दिया था कि वह श्रीनिवासन के इस्तीफा नहीं देने के चलते बोर्ड व क्रिकेट की खराब हो रही छवि से दुखी हैं। समय आया तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
बोर्ड अध्यक्ष पर शिकंजा कसना तय
यह तय था कि शिर्के का इस्तीफा होगा तो बोर्ड अध्यक्ष पर शिकंजा कसना तय है। लेकिन जगदाले ने भी उनके साथ होकर विद्रोह का बिगुल बजा दिया।
हालांकि जगदाले का कहना है कि वह स्पॉट फिक्सिंग को लेकर घट रहे घटनाक्रमों से अपने को सहज नहीं महसूस कर रहे थे जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है।
बोर्ड को संचालित करने मुख्य जिम्मा अध्यक्ष समेत सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव व पांच उपाध्यक्षों का होता है। सचिव व कोषाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है। पांच उपाध्यक्ष इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं।
सिर्फ संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर को लेकर स्थिति साफ नहीं है। वहीं आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी अब तक चुप्पी साध रखी है। उनके इस्तीफे को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।
मैयप्पन पर लगे आरोपों की जांच
जगदले ने यह भी साफ कर दिया कि वह अब तीन सदस्यीय जांच आयोग के सदस्य भी नहीं रहेंगे। यही आयोग श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मैयप्पन पर लगे आरोपों की जांच कर रहा है।
जगदले ने इसका खुलासा करने से भी इंकार कर दिया कि श्रीनिवासन या बीसीसीआई के दूसरे सदस्य भी इस्तीफा देंगे या नहीं।
आईसीसी ने चेताया था गुरुनाथ को
क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने आईपीएल-6 से पहले ही गुरुनाथ मैयप्पन को सट्टेबाजी में लिप्त लोगों से दूर रहने की चेतावनी दी थी।
मुंबई पुलिस के अनुसार गुरुनाथ ने पूछताछ के दौरान बताया कि आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारियों ने उन्हें संदिग्ध लोगों से दूर रहने को कहा था।
आईसीसी ने नहीं दी कोई चेतावनी
बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि आईसीसी के एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट के चीफ वाईपी सिंह ने इस तरह की कोई जानकारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ साझा नहीं की।
बोर्ड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि 19 मई को बुलाई गई आपात बैठक में वाईपी सिंह भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी।