बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगली ने कहा कि भारत में पहला डे-नाइट टेस्ट कराने का ऐतिहासिक फैसला सामान्य समझ के आधार पर किया गया है। क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप के प्रति दर्शकों की रुचि फिर जगाने का यही तरीका है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का शुक्रिया जो इतने कम समय में इसके लिए तैयार हुआ। चीजें ऐसे ही बदलती हैं। यह उपमहाद्वीप में टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी शुरुआत है। हमारे इरादे नेक हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। सब कुछ ठीक ही होगा।’ पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ड्यूक्स या कूकाबूरा की जगह एसजी टेस्ट गुलाबी गेंद का ही इस्तेमाल करेगा।
बता दें कि कई सालों से चल रही डे-नाइट टेस्ट की मांग को सौरव गांगुली ने बीसीसीआई का नया अध्यक्ष बनते ही पूरा कर दिया और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने में सफल रहे।