अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने न्यूजीलैंड के साथ मैच खेलने की पूरी तैयारी की थी। न्यूजीलैंड बड़ी टीम है। इस कारण बोर्ड के साथ खिलाड़ी भी काफी उत्साहित थे, लेकिन ग्रेटर नोएडा के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को चुनकर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पछता रहा है।
अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच के चार दिन बर्बाद हो चुके है। बारिश के कारण अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन का खेल धुल गया। दोनों टीमों के बीच टॉस सुबह नौ बजे होना था, लेकिन भारी बारिश के कारण चौथे दिन भी खेल रद्द करना पड़ा। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बयान में कहा, 'स्टेडियम का मुआयना करके शुक्रवार सुबह खेल आठ बजे शुरू करने के बारे में फैसला लिया जाएगा।'
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पिछले चार दिन में इस मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी है । पहले दो दिन आउटफील्ड गीली थी जिससे अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए इस मैदान की तैयारी पर भी सवाल उठे हैं। मैच को आधिकारिक तौर पर रद्द नहीं किया गया है और कल के जायजा लेने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। हालांकि, अगर इसे आधिकारिक तौर पर रद्द् कर दिया जाता है तो 26 वर्ष बाद यह इतिहास दोहराया जाएगा। यह आठवां ऐसा टेस्ट मैच होगा, जिसमें एक भी गेंद नहीं फेंकी गई। न्यूजीलैंड दूसरी बार ऐसे टेस्ट का हिस्सा बनेगा।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने न्यूजीलैंड के साथ मैच खेलने की पूरी तैयारी की थी। न्यूजीलैंड बड़ी टीम है। इस कारण बोर्ड के साथ खिलाड़ी भी काफी उत्साहित थे, लेकिन ग्रेटर नोएडा के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को चुनकर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पछता रहा है। दोनों देश के बीच टेस्ट इतिहास का 2549वां मैच खेला जाना था। मैच के तीन दिन बीत चुके है, लेकिन अभी तक एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी है।
अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
अफगानिस्तान इस मैच की मेजबान है जिसे शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिलता। आईसीसी से 2017 में टेस्ट टीम का दर्जा मिलने के बाद यह उसका 10वां टेस्ट है। यह टेस्ट आईसीसी विश्व चैम्पियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं है। न्यूजीलैंड टीम अब श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी जिसके बाद भारत में 16 अक्तूबर से तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी।
अगर मैच को बिना गेंद फेंके रद्द किया गया तो फिर यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का आठवां ऐसा मैच होगा, जिसमें एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। ऐसा 26 साल बाद होगा। आखिरी बार वर्ष 1998 में भारत और न्यूजीलैंड का मैच बिना गेंद फेंके समाप्त हुआ था। जबकि पहली बार 1890 में ऐसा हुआ था। वहीं, ग्रेटर नोएडा का स्टेडियम टेस्ट मैदान भी नहीं बन सकेगा। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अभी तक सात ही मैच ऐसे हुए हैं जो एक भी गेंद फेंके बिना रद्द किए गए हों।
दिल्ली और काबुल के पास होने के कारण चुना ग्रेटर नोएडा
अफगानिस्तान बोर्ड को ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ कानपुर व बंगलुरू का विकल्प मिला था, लेकिन दिल्ली और काबुल पास होने के कारण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा को चुना। टीम यहां पर पहले भी खेल चुकी थी। टीम को उम्मीद थी कि यहां पहले खेलने का उनको फायदा मिलेगा, लेकिन अब एसीबी पछता रहा है। हालांकि, एसीबी ने काफी प्रयास किया। आखिरी समय में मैच को दूसरी जगह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब इतना समय नहीं बचा था। वहीं, बीसीसीआई की मदद से दिल्ली से क्यूरेटर भी बुलाया गया। अतिरिक्त सुपर सोपर की व्यवस्था की, लेकिन सफलता नहीं मिली।