जयपुर में हो रहे वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए एक अनोखा कारनामा कर डाला है।
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में 50 ओवर में 359 रन बनाए। कंगारू टीम ने इससे पहले यही स्कोर 2003 में जोहांसबर्ग में विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया के खिलाफ बनाया था। और ऑस्ट्रेलिया ने उस मैच में जीत हासिल की थी।
इसके अलावा कंगारू टीम ने भारत के खिलाफ 2004 में भी सिडनी में 359 रनों का स्कोर खड़ा किया था। हालांकि दोनों ही स्कोर भारत से बाहर बनाए। लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया ने भारत में रनों का अंबार खड़ा किया और यह ऑस्ट्रेलिया का भारतीय जमीन पर सर्वाधिक स्कोर भी है।
ऑस्ट्रेलिया का इससे पहले भारतीय जमीन पर सर्वाधिक स्कोर 28 अक्टूबर 2009 को नागपुर में सात विकेट पर 354 रन था।
कंगारू टीम का असली कारनामा यह है कि वनडे क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भी टीम के शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाज क्रीज पर उतरे और अर्धशतक ठोक दिया।
पारी की शुरुआत फीलिप ह्यूज (83) और ऐरोन फिंच (50) ने की थी। दोनों ने न सिर्फ 75 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी निभाई बल्कि पचासा भी जमाया।
दोनों सलामी बल्लेबाजों के बाद बारी शेन वॉटसन की थी जिन्होंने 53 गेंदों में 59 रन बनाए।
दूसरी बार बना रिकॉर्ड
इसके बाद क्रीज पर आए कप्तान जॉर्ज बैली और ग्लेन मैक्सवेल ने भी लाजवाब बल्लेबाजी करते हुए अपनी-अपनी पारी को पचास के पार पहुंचाया। मैक्सवेल तो 53 रन बनाकर आउट हो गए।
लेकिन कप्तान बैली अंत तक टिके रहे और भारतीय गेंदबाजी की जमकर क्लास लेते हुए महज 50 गेंदों में 92 रन ठोक दिए। अपनी इस पारी में उन्होंने आठ चौके और पांच छक्के जमाए।
हालांकि वनडे इतिहास में यह दूसरी बार है जब एक टीम के पांच बल्लेबाजों ने अर्धशतक बनाए हैं।
इससे पहले यह कारनामा पाकिस्तान ने 21 जनवरी 2008 को कराची में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था।
पाकिस्तान के नासिर जमशेद (61), यूनुस खान (79), मोहम्मद यूसुफ (72), शोएब मलिक (63) और मिस्बाह उल हक (55) ने अर्धशतक जड़े थे। लेकिन इस मैच में दो-से छह नंबर तक आए बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए।