फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झाड़ू लगाना सीखकर आएं

Thu, 02 Oct 2014 12:24 AM IST
अशोक गौतम
विज्ञापन
विज्ञापन
इधर उन्होंने साड़ी का पल्लू संभालते स्कूल में हाइजीनिक माहौल बनाने के लिए मुस्कराते हुए 'झाड़ू लगाओ अभियान' का श्रीगणेश किया, तो उधर हमारे साहब ने ढहते हुए ऑफिस में अपनी मैली-कुचैली कुर्सियों की गद्दियों पर पसरे, मानो अपने रिटायरमेंट तक ऑफिस की सलामती की दुआ ऊपरवाले से मांग रहे हों, समस्त मैले-कुचैले कर्मचारियों को संबोधित करना शुरू किया। वह सभी को सफाई की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह मीटिंग ले रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहना शुरू किया, हे मेरे ऑफिस के मैले-कुचैले कर्मचारियो! आपको यह जानकर दुख होगा कि नई सरकार ने देश में सफाई अभियान शुरू किया है, क्योंकि इस देश में हम जैसों के लिए ऑफिस ही एक ऐसी सुरक्षित जगह बची है, जहां अपने-अपने हिसाब से गंदगी पा सकते हैं।

फिर वह कुछ क्षण ठहरे, और सामने फंगस लगी दीवार पर टंगी, महीनों से एक ही जगह रुकी, दीवार घड़ी को घूरने के बाद पिलपिलाते हुए बोले, दोस्तो, तो ठीक दस बजे हम सभी अपना-अपना झाड़ू लिए मुस्कराते हुए हर हाल में यहीं मिलेंगे। मीडिया वालों के फोटोग्राफर ठीक दस बजे यहां अपने-अपने कैमरे लेकर आ जाएंगे। ऐसे में कोई भी लेट नहीं होगा। उसके बाद तय मानिए कि हम साल भर किसी को नहीं पूछेंगे कि कब कौन आ रहा है, और कब कहां जा रहा है। जिन्हें झाड़ू लगाना नहीं आता, उनसे अनुरोध है कि वे घर में अपनी पत्नी या बाई से यह जरूर सीखकर आएं कि झाड़ू कैसे दिया जाता है। इससे प्रेस वालों के सामने हमारे ऑफिस की फजीहत नहीं होगी।
विज्ञापन


याद रहे, कल कोई ऑफिस से गायब नहीं रहेगा। यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसलिए कल किसी को अवकाश भी नहीं दिया जाएगा। चाहे घर में कितनी ही इमरजेंसी क्यों न हो, जो कल ऑफिस नहीं आएगा, उसको कारण बताओ नोटिस ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उसकी सर्विस बुक में रेड एंट्री के साथ-साथ विलफुल अबसेंट मार्क किया जाएगा। ऐसा होने पर सर्विस में ब्रेक मानी जाएगी। और इसे धमकी समझा जाए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें