साल दर साल कांवड़ यात्रा बढ़ ही रही है। घोर श्रद्धा के साथ की जाने वाली यह यात्रा अनेक लोगों की नींद उड़ाने का भी काम करती है। कांवड़ यात्रा मात्र प्रशासन और पुलिस को ही मुस्तैद नहीं रखती, इस यात्रा की राह में किसी भी रूप में आने वाले आम जन भी एक तरह के भय से व्यथित रहता है। यह कांवड़ियों की ही कृपा है कि क्या पुलिस और क्या आम जन, सभी शिव की आराधना में इसलिए जुट जाते हैं, ताकि सब कुछ ठीक-ठाक निपट जाए।
करोड़ों रुपये का व्यापार इनके कपड़े, कांवड़ व भोजन आदि से जुड़ा होता है। इससे अनेक लोगों की आर्थिकी और रोजगार भी जुड़े हुए हैं। यह पैसा ज्यादातर छोटे व्यापारियों और कारीगरों को ही जाता है। पूरे देश में यह व्यापार लगभग एक लाख करोड़ रुपये का है।