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चिंता मनी-46: कितनी फायेदमंद है ऑनलाइन खरीदारी

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Published by: नारायण कृष्णमूर्ति Updated Mon, 05 Oct 2020 01:34 AM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल - फोटो : pexels.com

विमला गर्ग ने लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में सब्जियों की ऑनलाइन खरीदारी शुरू की। तब से वह राशन के सामान की भी ऑनलाइन खरीदारी कर रही हैं। लेकिन वह नहीं जानतीं कि उनका फैसला अच्छा है या नहीं। लॉकडाउन के कारण हममें कई बदलाव आए। पहला यह कि हमें घर में ही रहना पड़ा। दूसरा यह कि हमें वर्क फ्रॉम होम करना पड़ा। और तीसरा यह कि हममें डिजिटल लेन-देन की आदत पड़ गई। खरीदारी के लिए बाहर न निकलने के कारण बहुतों ने राशन के सामान, सब्जियों और फल की ऑनलाइन खरीदारी शुरू कर दी। 44 वर्षीया स्कूल टीचर विमला गर्ग के लिए ऑनलाइन खरीदारी जहां पहला बदलाव थी, वहीं छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाना एक और बदलाव था। हालांकि उनका मानना है कि जरूरी सामान की ऑनलाइन खरीदारी आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं है।



ऑनलाइन व्यवस्था अनेक वर्षों में तैयार हुई है, लिहाजा वस्तुओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंता अब उतना महत्व नहीं रखती, जितना कुछ साल पहले तक रखती थी। चूंकि ऑनलाइन में कैश ऑन डिलीवरी भुगतान करने का एक विकल्प है, ऐसे में, लोग ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइट पर राशन सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, किताबें, ताजा कृषि उत्पाद, कपड़े और दूसरी चीजों के लिए ऑर्डर करने में हिचकते नहीं हैं। आज नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक सब कुछ ऑनलाइन मंगवाया जा सकता है। हालांकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सबसे ज्यादा इस्तेमाल  एयरलाइन टिकट और ट्रेन टिकट की बुकिंग तथा बिजली बिल जमा करने के मामले में होता है। 


सुरक्षा और बचत

बाजार में सब्जियों की खरीद में जिस किस्म का मोलभाव होता है, ऑनलाइन खरीद में वह संभव नहीं है। ऑनलाइन में सब्जियों पर सिर्फ डिस्काउंट होता है। यानी ऑनलाइन खरीदारी में सब्जियों और फल के जो दाम बताए जाते हैं, विक्रेता पर भरोसा करते हुए उसी दाम में खरीदारी करनी पड़ती है। हालांकि ऑनलाइन खरीदारी में चीज पसंद न आने पर लौटाने का प्रावधान है, और इस बारे में शर्तें खरीदारी के समय ही पता चल जाती हैं। लेकिन किसी खरीदार को यह कैसे पता चलेगा कि ऑनलाइन खरीदारी करते हुए वह बचत कर रहा है? इसका एक संकेत कीमत पर दिया जा रहा डिस्काउंट है। हालांकि कुछ लोगों का तर्क है कि डिस्काउंट भ्रामक होता है और यह खरीदार को बेवकूफ बनाने की चाल है। यह संभव है। हालांकि ज्यादातर खरीदारों को वस्तुओं की वास्तविक कीमत पता होती है, इसलिए वे जानते हैं कि दिया जा रहा डिस्काउंट बाजार में उस वस्तु की कीमत से कम है या नहीं। 


अलबत्ता ऑनलाइन खरीदारी में होने वाली सहूलियत इसका सबसे बड़ा लाभ है। इसका दूसरा लाभ यह है कि इसमें दुकान तक पहुंचने का समय और खर्च बच जाता है। ऑनलाइन खरीदारी का एक नुकसान यह है कि कई बार आपको अपनी मनचाही चीज नहीं मिलती। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में आपको लॉयलिटी पॉइंट मिलते हैं। डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर आपको कैशबैक के साथ और लॉयलिटी पॉइंट मिलते हैं, जिनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। जब आपका कार्ड चुनींदा कॉमर्स वेबसाइट पर इस्तेमाल होता है, तब बैंक और कार्ड मुहैया कराने वाले भी आपको ऑटोमैटिक डिस्काउंट देते हैं, जो बाजार जाने पर नहीं मिल सकता।


स्मार्ट तरीका

ऑनलाइन शॉपिंग से विमला गर्ग का न सिर्फ समय और पैसा बच रहा है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में ऑनलाइन ग्रोसरी और वेजिटेबल स्टोर आपके खरीद पैटर्न को भी समझ जाते हैं और उसी हिसाब से आपको रेडीमेड बास्केट ऑफर करते हैं। इससे आपकी खरीदारी का एक रूटीन बन जाता है, साथ ही, समय-समय पर आपको अतिरिक्त बचत और डिस्काउंट भी हासिल होता है। विमला को अपनी ऑनलाइन खरीदारी पर चिंतित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय उन्हें अलग-अलग ई-कॉमर्स साइट से खरीदारी करनी चाहिए।

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