आज जब देश 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तो इस अवसर पर बापू का स्मरण भी हम कर सकते हैं। वह एक व्यक्ति के रूप में भले ही नश्वर हों, परंतु एक आदर्श के रूप में शाश्वत हैं। उनके विचार और सिद्धांत तब तक रहेंगे, जब तक इंसानियत को जीवन मूल्यों की कद्र रहेगी। जब कद्र खत्म हो जाएगी, तो हम विनाश की तरफ कदम बढ़ा देंगे।
इसे सबसे पहले बापू के विचारों और मूल्यों में पर्यावरण चिंता के परिप्रक्ष्य में ही देख लें। ग्लोबल वार्मिंग समेत विश्व पर्यावरण पर आए खतरे से मनुष्य के अस्तित्व पर मंडराता संकट सबको दिख रहा है। खतरे को बढ़ने से बचाने के लिए विश्व समुदाय एक मंच पर है।