स्मृति: करुणा सेवा और तपस्या की त्रिवेणी आचार्य विद्यासागर, उनके बताए रास्ते पर चलकर होगा राष्ट्र कल्याण
सार
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र की त्रिवेणी थे। उनका सम्यक दर्शन जितना आत्मबोध के लिए था, उतना ही सशक्त उनका लोक बोध भी था। उनका सम्यक ज्ञान जितना धर्म को लेकर था, उतना ही उनका चिंतन लोक विज्ञान के लिए भी रहता था।
vidyasagar maharaj
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