हमें साहित्य को गंभीरता से पढ़ना चाहिए, विश्वास करने, स्वीकार करने और विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि लिखने-पढ़ने की प्रकृति को साझा करने के लिए हमें पढ़ना चाहिए।
हम विभिन्न कारणों से साहित्य को गंभीरतापूर्वक पढ़ते हैं, जिनमें से अधिकांश परिचित हैं-कि हम बहुत से लोगों को पूरी तरह से नहीं जान सकते, कि हमें स्वयं को बेहतर ढंग से जानने की जरूरत है, कि हमें ज्ञान की आवश्यकता है, न सिर्फ अपने और दूसरों के बारे में, बल्कि चीजें जिस तरह से हैं। और गहन अध्ययन का सबसे प्रामाणिक मकसद एक दुर्लभ सुख की तलाश है। अच्छी तरह से अध्ययन करना सबसे बड़ा सुख है, जिसके कारण हम एकाकीपन का दर्द सहने में सक्षम होते हैं।
हम खुद को पूरी तरह से खोजने के लिए साहित्य का अध्ययन करते हैं। बेहतर अध्ययन बच्चों को अपने और दूसरों के प्रति रुचि जगाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिये उनमें अलग और विशिष्ट व्यक्तित्व की भावना विकसित होती है। हमें अंतहीन सूचनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन ज्ञान कहां मिलेगा? वह साहित्य के अध्ययन से ही मिल सकता है। साहित्य में अंततः विशिष्ट पहचान ही महत्वपूर्ण होता है, किसी विशिष्ट मानवीय पीड़ा का रंग या आस्वाद।
महान साहित्य किस तरह काम करता है, यह समझने के लिए साहित्य के प्रति अथाह प्रेम होना महत्वपूर्ण है। महान कविता का काम हमें स्वतंत्र कलाकार बनने में सहायता करना है। कविता पढ़ने की कला चेतना के संवर्धन के लिए एक प्रामाणिक प्रशिक्षण है।
अमेरिकी साहित्य-आलोचक