ये सबक सीखने की है जरूरत:
महामारियां आना नई बात नहीं है। नया है हर बार इनसे सीख कर खुद को सुरक्षित रखना। इस मामले में कुछ बिंदुओं पर गौर करना जरूरी है-
-एक्सरसाइज, योग, जिम जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन बिना सही प्रशिक्षण और बिना अपने शरीर को जाने इनका असीमित प्रयोग आपके शरीर की लय ताल को बिगाड़ सकता है।
-आपका खान-पान और रूटीन पूरे जीवन के लिए संतुलित रहना जरूरी है। केवल महामारी आने के कुछ समय तक इसका पालन करना और बाद में पीछे हट जाना मुश्किल खड़ी कर सकता है।
-फिजिकल के साथ मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना कितना जरूरी है यह भी इस बीमारी ने सिखाया। आंकड़े बताते हैं कि जिन लोगों ने सकारात्मक सोच रखी और बीमारी को दिमाग पर हावी नहीं होने दिया, वे इस बीमारी जीते भी और स्वस्थ भी हुए। इसलिये फिजिकल फिटनेस के साथ मेंटल फिटनेस के लिए भी सजग रहना आवश्यक है।
-इस बीमारी ने होने के बाद पीड़ितों के शरीर को अंदरूनी तौर पर भी नुकसान पहुंचाया। कई शोध इस बात को साबित कर चुके हैं कि कोरोना के मरीजों के ह्रदय, लिवर, फेफड़ों सहित हड्डियों तक पर इसका बुरा असर हुआ है और ध्यान न देने की सूरत में यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिये बीमारी से ठीक होने के बाद भी नियमित रूटीन, खान-पान और एक्स्ट्रा सप्लीमेंट्स का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना जरूरी है।
-हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा, जो हमारे देश के लिए पहले ही एक बड़ा खतरा है, उनका अनियंत्रित रहना कोरोना के केस बिगाड़ सकता है यह बात भी साबित हो चुकी है। इसलिए इन बीमारियों का सही इलाज और प्रबंधन भी बहुत जरूरी है।
-सालाना जांचों को लेकर सजग रहना भी फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे बीमारी को समय पर जानने और उसका इलाज पाने में मदद मिल सकती है।
-मास्क और सामान्य हाइजीन को लेकर सतर्कता भी अभी जरूरी है। क्योंकि अभी बीमारी पूरी तरह गई नहीं है। खासकर उन लोगों के लिए जो पहले ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं।
-इस वर्ल्ड हेल्थ डे खुद से यह वादा भी जरूरी है कि केवल मेडिक्लेम ले लेने भर से काम नहीं चलेगा। सम्पूर्ण स्वास्थ्य को लेकर सजगता और जानकारी रखनी होगी और उनके अनुसार जीवन जीना होगा। यह आने वाले समय में देश के स्वास्थ्य की सही तस्वीर पेश कर सकेगा।
-----------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।