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विधानसभा चुनाव परिणाम 2022: हार और जीत के इतर आप और भाजपा

सार

अगर भाजपा के स्टार प्रचारक की बात करें तो इस चुनाव में मोदी के बाद योगी दूसरे नंबर पर रहे। हर उम्मीदवार चाहता था कि उसके क्षेत्र में मोदी या योगी की सभा हो जाए। वैसे चुनाव में शाह की भी डिमांड थी, लेकिन तीसरे विकल्प के रूप में। योगी ने राज्य के सूरत, वीरमगाम और गोधरा में रोड शो किया। लेकिन उनका सबसे बड़ा रोड वड़ोदरा के गोधरा कस्बे में हुआ।
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बीजेपी ने गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में 150 से ज्याद सीटें जीतीं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात में मिल रही प्रचंड जीत ने भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली नगर निगम के बाद हिमाचल प्रदेश में मिली हार के गम को कुछ हद तक कम कर दिया है। ये नतीजे भाजपा लीडरशिप की उम्मीद से भी ज्यादा है। सभी प्री-पोल सर्वे और एग्जिट पोल सर्वे में गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा भारी मतों से सत्ता में वापसी जरूर दिखाया गया था लेकिन किसी ने यह नहीं कहा था कि भाजपा 150 का आंकड़ा पार कर जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद किया प्रचार

गुजरात भाजपा अध्यक्ष मीडिया से बातचीत में जरूर 150 सीट जीतने का दावा कर रहे थे। चूंकि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहराज्य है इसलिए विपक्ष के साथ-साथ राजनीतिक टीकाकारों की नजर गुजरात पर थी।

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प्रधानमंत्री मोदी अपने चिरपरिचित अंदाज में विधानसभा चुनाव में बेहद सक्रिय रहे और भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में 31 जनसभाएं की थीं। इसके अलावा मोदी ने अहमदाबाद से गांधीनगर तक 54 किलोमीटर लंबे रूट पर रोड शो भी किया। यह मार्ग राज्य की कुल 14 विधान सभाओं से गुजरता था।

प्रधानमंत्री के रोड शो में लोगों की भीड़ उमड़ती देखी गई। मोदी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 28 जनसभाएं और तीन रोड शो किए। गृहमंत्री अमित शाह भी चुनाव प्रचार में बेहद सक्रिय रहे और लगभग दो दर्जन सभाएं की।

प्रचार में यूपी के सीएम योगी भी नहीं रहे पीछे

अगर भाजपा के स्टार प्रचारक की बात करें तो इस चुनाव में मोदी के बाद योगी दूसरे नंबर पर रहे। हर उम्मीदवार चाहता था कि उसके क्षेत्र में मोदी या योगी की सभा हो जाए। वैसे चुनाव में शाह की भी डिमांड थी, लेकिन तीसरे विकल्प के रूप में। योगी ने राज्य के सूरत, वीरमगाम और गोधरा में रोड शो किया। लेकिन उनका सबसे बड़ा रोड वड़ोदरा के गोधरा कस्बे में हुआ। भाजपा के नीति-निर्धारकों ने एक रणनीति के तहत योगी का रोड शो गोधरा में करवाया। इस बार योगी के गोधरा रोड शो ने इन नतीजो में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

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वस्तुतः गोधरा वही कस्बा है जहां फरवरी 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगा दी गई थी जिसमें अयोध्या से लौट रहे 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी। जिसके बाद गुजरात दंगों की आग में झुलस उठा था।

दंगों की आग का धुआं गुजरात और देश की सीमाओं को लांघता हुआ विदेश में भी पहुंच गया था। एक तरह से कहें तो गुजरात के दंगे के बाद कांग्रेस शासन में जांच एजेंसियों ने जिस तरह से मोदी को टारगेट किया उससे उनका कद बढ़ता गया और इतना बढ़ गया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को उनकी बादशाहत स्वीकार करनी पड़ी।

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गुजरात में 27 साल से लगातार बीजेपी की सरकार - फोटो : ANI

1995 से लगातार सत्ता में बीजेपी

यहां इस तथ्य पर भी गौर करना होगा कि भाजपा गुजरात में 1995 से लगातार सत्ता में है। किसी एक राजनीति दल का किसी राज्य में यह दूसरा सबसे बड़ा कार्यकाल है। पहले नंबर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी है जो 1977 से 2006 तक 29 साल तक लगातार पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही।

अब भाजपा माकपा का रिकॉर्ड तोड़ देगी। सबसे बड़ी बात इतने लंबे समय से सत्ता में रहने का बावजूद इस बार के चुनाव में गुजरात में भाजपा के खिलाफ किसी तरह का एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर नहीं दिखा। अगर कहीं एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर था भी तो वह मोदी के करिश्माई कद के नीचे दब गया।

हिमाचल प्रदेश में लगभग 20 विधान सभाओं और गुजरात में लगभग आठ हजार किलोमीटर यात्रा करके लगभग सभी विधानसभा क्षेत्र में जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार राधेकृष्ण कहते हैं, “गुजरात विधानसभा चुनाव में आज भारतीय जनता पार्टी 157 सीटें जीतने की ओर अग्रसर है, लेकिन एक वर्ष पहले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरु करने से पहले पार्टी ने एक सर्वे करवाया था, जिसमें भाजपा को सिर्फ 82 सीटें मिलने की बात कही गई थी।

क्या पीएम मोदी के नाम पर वोट?

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह और सीआर पाटिल को कमान संभालने को कहा और खुद भी जनसंपर्क में जुट गए। अब परिणाम सामने है। गुजरातियों के लिए एक ही नारा ‘मोदी हैं तो सब कुछ है’ प्रासंगिक है।” राधेकृष्ण कहते हैं कि गुजरात के लोगों ने केवल और केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट दिया है।

कांग्रेस ने राज्य में कई सीटें गंवा दी तो पहली बार चुनाव लड़ने आई आम आदमी पार्टी पांच-छह सीट जीतकर विधानसभा में अपनी उपस्थित दर्ज कराने जा रही है। पिछले चुनाव नतीजों की बात करें तो भाजपा ने 99 सीटें और कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं। दरअसल, आम आदमी पार्टी हर जगह कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाती दिख रही है। आप की मौजूदगी और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का गुजरात में निष्प्रभावी होने के कारण कांग्रेस 77 सीट से खिसक कर 17-18 सीट पर आ गई है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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