गुजरात में 27 साल से लगातार बीजेपी की सरकार
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1995 से लगातार सत्ता में बीजेपी
यहां इस तथ्य पर भी गौर करना होगा कि भाजपा गुजरात में 1995 से लगातार सत्ता में है। किसी एक राजनीति दल का किसी राज्य में यह दूसरा सबसे बड़ा कार्यकाल है। पहले नंबर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी है जो 1977 से 2006 तक 29 साल तक लगातार पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही।
अब भाजपा माकपा का रिकॉर्ड तोड़ देगी। सबसे बड़ी बात इतने लंबे समय से सत्ता में रहने का बावजूद इस बार के चुनाव में गुजरात में भाजपा के खिलाफ किसी तरह का एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर नहीं दिखा। अगर कहीं एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर था भी तो वह मोदी के करिश्माई कद के नीचे दब गया।
हिमाचल प्रदेश में लगभग 20 विधान सभाओं और गुजरात में लगभग आठ हजार किलोमीटर यात्रा करके लगभग सभी विधानसभा क्षेत्र में जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार राधेकृष्ण कहते हैं, “गुजरात विधानसभा चुनाव में आज भारतीय जनता पार्टी 157 सीटें जीतने की ओर अग्रसर है, लेकिन एक वर्ष पहले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरु करने से पहले पार्टी ने एक सर्वे करवाया था, जिसमें भाजपा को सिर्फ 82 सीटें मिलने की बात कही गई थी।
क्या पीएम मोदी के नाम पर वोट?
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह और सीआर पाटिल को कमान संभालने को कहा और खुद भी जनसंपर्क में जुट गए। अब परिणाम सामने है। गुजरातियों के लिए एक ही नारा ‘मोदी हैं तो सब कुछ है’ प्रासंगिक है।” राधेकृष्ण कहते हैं कि गुजरात के लोगों ने केवल और केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट दिया है।
कांग्रेस ने राज्य में कई सीटें गंवा दी तो पहली बार चुनाव लड़ने आई आम आदमी पार्टी पांच-छह सीट जीतकर विधानसभा में अपनी उपस्थित दर्ज कराने जा रही है। पिछले चुनाव नतीजों की बात करें तो भाजपा ने 99 सीटें और कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं। दरअसल, आम आदमी पार्टी हर जगह कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाती दिख रही है। आप की मौजूदगी और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का गुजरात में निष्प्रभावी होने के कारण कांग्रेस 77 सीट से खिसक कर 17-18 सीट पर आ गई है।
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