पैरासाइट को ऑस्कर मिलने के बाद इस ट्रेंड ने तेजी से दौर पकड़ा है।
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दक्षिण कोरियाई विषयवस्तु अचानक से विश्व मनोरंजन जगत के केंद्र में खड़ा हो गया है। आलम ये है कि के पॉप लोकप्रियता के मामले में इंग्लिश और अमेरिकन पॉप को विश्व पटल पर टक्कर देती हुई दिख रही है वहीं अब दर्शक के मूवी और के सीरीज को हॉलीवुड के विकल्प के तौर पर देखने लगे हैं।
पैरासाइट को ऑस्कर मिलने के बाद इस ट्रेंड ने तेजी से दौर पकड़ा है। अगर ये कहा जाए की फिल्म पैरासाइट ने दक्षिण कोरियाई सिनेमा और संगीत के लिए अंतराष्ट्रीय मनोरंजन बाजार के दरवाज़े खोल दिए तो अतिशयोक्ति न होगी। और ऐसा नहीं है कि दक्षिण कोरियाई मनोरंजन जगत का डंका सिर्फ भारत या फिर उपमहाद्वीप मे बज रहा है। के पॉप और के मूवीज के सम्मोहन के जादू में अब पश्चिम भी जकड़ा जा चुका है।
पश्चिम के सिनेप्रेमी ही नहीं बल्कि हॉलीवुड के बड़े स्टूडियो भी दक्षिण कोरियाई सितारों के बढ़ते वर्चस्व को महत्व देते हुए दिख रहे हैं। खबरों की मानें तो दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध अभिनेता पार्क सी जून एम सी यू की अगली सुपरहीरो फिल्म कैप्टेन मार्वल के सीक्वल में एक अहम किरदार निभाते हुए दिखेंगे।
वहीं 2020 के ऑस्कर पुरस्कारों में जलवे दिखाने वाली फिल्म पैरासाइट में अपनी अभिनय प्रतिभा के जौहर दिखाने वाली अभिनेत्री पार्क सो डैम में भी कई बड़े हॉलीवुड स्टूडिओ ने दिलचस्पी दिखाई है।
बाकी कोरियाई विषयवस्तुओं की बढ़ती लोकप्रियता पर आधारित इस लेख में यदि मैं अपने संगीत से पूरे विश्व को दीवाना बना देने वाले दक्षिण कोरियाई म्यूजिक बैंड बी टी एस के जिक्र न करूं तो ये लेख अधूरा सा लगेगा। बी टी एस बीते कुछ सालों में 'के' पॉप का अघोषित अंतराष्ट्रीय राजदूत बन कर उभरा है।
बी टी एस के प्रशंसकों की फेहरिस्त में विश्व के जाने-माने चेहरे शुमार हैं। जिनमें रेसलर जॉन सीना, आयुष्मान खुराना, जस्टिन बीबर प्रमुख हैं। बी टी एस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस म्यूजिक बैंड ने संगीत से जुड़े कुल 23 रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
बीटीएस का गाना 'बटर' यू ट्यूब पर 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पॉप वीडियो है। बीटीएस ना सिर्फ इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किया जाने वाला बैंड है बल्कि बी टी ऐसे के गाने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा सुने और डाउनलोड भी किए गए हैं।
दक्षिण कोरियाई फिल्में और वेब सीरीज विषय के प्रस्तुतिकरण और फिल्मांकन को एक अलग ही स्तर पर ले गई हैं।
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आखिर दक्षिण कोरियाई गानों, फिल्मों और वेब सीरीज को लेकर लोग इतने दीवाने क्यों हुए जा रहे हैं? कोरियाई विषयवस्तुओं को लेकर लोगों की दीवानगी का ये आलम है कि लोग इसके लिए कोरियन तक सीखने को तैयार हैं। अगर आप विश्व के बाकी विषयवस्तुओं की तुलना कोरियाई विषयवस्तु से करें तो शायद आपको आपका जवाब मिल जाए।
कोरियाई फिल्में और ड्रामा सिनेप्रेमियों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं। देखा जाए तो विषयवस्तु और जॉनर के हिसाब से कोरियाई मनोरंजन जगत के पास ऐसा कुछ भी नहीं है जो हॉलीवुड या बॉलीवुड हमें ना परोस सका हो लेकिन फिल्मांकन और प्रस्तुतिकरण यहां अंतर पैदा करता है।
दरअसल, आज की नई पीढ़ी के दर्शकों को हॉलीवुड और बॉलीवुड का प्रस्तुतिकरण कुछ पुराना सा जान पड़ता है। वहीं दक्षिण कोरियाई फिल्में और वेब सीरीज विषय के प्रस्तुतिकरण और फिल्मांकन को एक अलग ही स्तर पर ले गई हैं।
खासतौर से 'डार्क' विषयवस्तुओं को भुनाने में कोरियाई मनोरंजन जगत को महारत हासिल है। प्रस्तुतिकरण में ये नयापन ही नई पीढ़ी को लुभा गया। सफलता का यही सूत्र 'के' पॉप की सफलता पर भी लागू होता है। कोरियाई पॉप जगत के गानों में ऊर्जा और सकारात्मकता की एक लहर होती है जो युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर देती है।
कोरियाई पॉप संगीत में क्लासिक के साथ-साथ आधुनिकता का भी मेल होता है जो कुछ-कुछ 80 के दशक के इंग्लिश पॉप की याद दिलाता है। कुछ कोरियाई पॉप गाने तो अपनी मूल भाषा मे ही खासे लोकप्रिय हो गए। यानी कहीं न कहीं कोरियाई संगीत ने भाषा की सीमाओं को भी तोड़ा है।
कीजिए नब्बे के दशक से पहले भारतीय जनमानस पर बॉलीवुड की अमिट छाप थी। लेकिन 90 के दशक के शुरुआत में ही हॉलीवुड फिल्मों की लोकप्रियता ने जोर पकड़ना शुरू किया था। कमोबेश वही चलन अब दोबारा दिखाई दे रहा है फर्क सिर्फ इतना है की हॉलीवुड की जगह कोरियाई फिल्मों और वेबसीरीज ने ले ली है।
कोरियाई मनोरंजन जगत अब वैश्विक बन चुका है। इस नए-नए वैश्विक बने मनोरंजन जगत की परवाज कितनी ऊंची होगी अब ये तो वक्त ही बताएगा।
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