कर्नाटक चुनाव परिणाम से क्षेत्रीय दल लें सबक
2024 की संभावनाओं के मद्देनजर देखें तो कर्नाटक में जेडीएस के हश्र से क्षेत्रीय दलों को सबक लेना होगा। मुस्लिम वोट बैंक का दम भरने वाले दल एसपी, जदयू, राजद, तृणमूल कांग्रेस इत्यादि 2024 में कांग्रेस के पास जाएं या दूर ही रहें? महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का दल कांग्रेस की बैसाखी पर रहेगा या नहीं ये बड़ा सवाल होगा।
आज ही उत्तर प्रदेश में ट्रिपल इंजन के नारे पर बीजेपी की निकाय चुनाव में हुई बंपर जीत ने कांग्रेस की देश के सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीट वाले प्रदेश में हालात को फिर सतह पर रखा है। कर्नाटक से उत्साहित कांग्रेस को यूपी के आईने में अपनी चुनावी शक्ल देख लेनी चाहिए क्योंकि राजस्थान में पार्टी की रार ही सरकार बरकरार रहने के खिलाफ संकेत दे रही है। वहां सरकार हर 5 साल में बदलने का रिवाज भी है, हालांकि हिमाचल में यह बरकरार रहा, उत्तराखंड में बदल गया।
कुल मिलाकर कांग्रेस को ऑक्सीजन और बीजेपी को चिंतन, कर्नाटक चुनाव नतीजे दे चुके हैं। डीके शिवकुमार या सिद्धारमैया में से कौन? यह प्रश्न अभी कई नाटक दिखा सकता है। कर्नाटक की सियासत का यह अहम किरदार है और हिस्सा भी। बीजेपी और कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के लिए कर्नाटक 2023 के नतीजे 2024 के लिहाज से कई संदेश दे चुके हैंं।
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