इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर अच्छे प्रयास हो रहे हैं
- फोटो : Euler Motors
हालांकि, घर पर फुल चार्जिंग में 7-8 घंटे लगते हैं, लेकिन फार्स्ट चार्जिंग प्वाइंट पर मात्र 55 मिनट में ईवी कार चार्ज हो जाती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का रख-रखाव भी बेहद सस्ता है। पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तरह इन्हें कुछ-कुछ दिनों में सर्विसिंग की जरूरत नहीं पड़ती। बैटरी की लाइफ 4-5 साल होती है।
ईवी टू व्हीलर्स में आग लगने की घटनाएं
हालांकि, इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स में एक अचड़न पिछले दिनों देखने को मिली। देश के कई शहरों में ईवी टू व्हीलर्स में आग लगने की घटनाएं हुईं। कंपनियों के अलावा सरकार ने भी इन्हें गंभीरता से लिया। जांच में तापमान, बैटरी में खामी, ज्यादा स्पीड जैसे कारण सामने आए हैं। चूंकि, अभी इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में आए अधिक समय नहीं हुआ है। इसलिए शुरुआती खामियां देखने को मिल रही हैं। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी वाहनों का भी जब अविष्कार हुआ था, तब कुछ मुश्किलें आई थीं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के चार्जिंग प्वाइंट्स को लेकर भी लोग आशंकित रहते हैं। विशेषकर ईवी कारों को लंबे रूट पर ले जाने से डरते हैं। इनवेस्टमेंट इनफॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया (आईसीआरए) ने भी माना है कि भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने में दुनिया के कई देशों से पीछे है, लेकिन इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए अब कई निजी कंपनियां आगे आ रही हैं।
भारत में 48,000 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट्स
आईसीआरए का अनुमान है कि अगले 3-4 वर्षों में भारत में 48,000 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे। इस सेक्टर में 14,000 करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री गडकरी कह चुके हैं कि सरकार देश के प्रमुख राजमार्गों पर अगले वर्ष तक 600 ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने की दिशा में बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर अच्छे प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्य सरकारें सब्सिडी दे रही हैं। कई जगह रोड टैक्स माफ है तो इंश्योरेंस में छूट है। उत्साहित करने वाली खबर यह है कि आईसीआरए के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिकने वाले टू व्हीलर्स में 13-15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि थ्री व्हीलर में यह 30 प्रतिशत और बसों में 8-10 प्रतिशत रह सकता है। सरकार सब्सिडी के साथ प्रोत्साहन योजनाएं जारी रखे तो महंगाई के इस दौरान में आम आदमी के लिए बड़ी राहत होगी। उम्मीद यही है कि एक दिन इलेक्ट्रिक व्हीकल दिल्ली जैसे शहरों को प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाएंगे।
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