झांसी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर शुक्रवार को तड़के एक युवती झुलसी हुई हालत में पड़ी मिली। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवती अपने पिता व चाचा के साथ मानसिक रोग का उपचार कराने ग्वालियर गई थी। वह झांसी कैसे आई और किन कारणों से हादसे का शिकार हुई? इन सभी सवालों का जवाब हासिल करने के लिए जीआरपी युवती के होश में आने का इंतजार कर रही है।
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम नाका निवासी नरेश कुशवाहा पुत्र देवी प्रसाद की बेटी संगीता (17) पिछले चार दिन से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। बृहस्पतिवार को वह अपने भाई संत कुमार के साथ बेटी का उपचार कराने ग्वालियर के लिए निकले। कालपी स्टेशन से ग्वालियर बरौनी मेल में सवार होकर वह रात में ग्वालियर पहुंच गए।
शनिवार को उन्हें डॉ. एन डी वैश्य के पास बेटी को उपचार के लिए ले जाना था। रात करीब साढ़े बारह बजे वह सभी ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफार्म पर सो गए। अचानक संगीता उनके बीच से गायब हो गई। रात ढाई बजे पिता की नींद टूटने पर उन्हें संगीता अपनी जगह से गायब मिली। इसके बाद उन्होंने भाई के साथ मिलकर उसकी ग्वालियर स्टेशन पर तलाश शुरू की।
इधर, सुबह चार बजे झांसी स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ को सूचना मिली कि प्लेटफार्म छह पर एक युवती झुलसी हुई हालत में तड़प रही है। हादसे का पता लगते ही जीआरपी इंस्पेक्टर आर सी मिश्र व आरपीएफ उपनिरीक्षक अमित मीणा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। युवती के हाथ व पैर झुलसे हुए थे व चेहरे पर भी जलने का निशान था। पूछताछ में युवती ने अपना नाम संगीता बताने के साथ ही एक मोबाइल नंबर भी बताया।
उसने यह भी बताया कि उरई का एक युवक उसे ट्रेन से लेकर आ रहा था, पर इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं मालूम क्योंकि वह बेहोश हो गई। आनन- फानन में उसे रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। वहीं, जीआरपी का युवती द्वारा बताए मोबाइल नंबर की मदद से गांव में रहने वाले उसके परिजनों से संपर्क हो गया। परिजनों ने सूचना ग्वालियर स्टेशन पर मौजूद युवती के पिता को दी। सूचना पर पिता व चाचा ग्वालियर से झांसी आ गए और उन्होंने जीआरपी थाने पहुंचकर स्थितियों से अवगत कराया। दोपहर में नायब तहसीलदार युवती के बयान लेने पहुंचे, पर युवती के होश में न आने के कारण बयान नहीं लिए जा सके।
कई तरह के लगाए जा रहे अनुमान
संगीता के जलने के पीछे कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक रवि चंद्र मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया करंट लगने का मामला हो सकता है। अगर, तेजाब, केरोसिन, पेट्रोल या अन्य किसी चीज से जलाया जाता तो कपड़ों से निश्चित ही बदबू आती। जबकि, युवती के कपड़ों से कोई बदबू नहीं आ रही है। होश में आने पर ही हकीकत सामने आ सकेगी।
भट्टे पर काम के दौरान पड़ी बीमार
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम नाका निवासी नरेश कुशवाहा मजदूरी करते हैं। उनकी चार बेटियां व दो बेटे हैं। संगीता तीसरे नंबर की बेटी है, उसने इसी साल हाईस्कूल पास किया है। एक हफ्ते पूर्व वह गांव के निकट स्थित सागर बट्टा भट्टे पर गुम्मे बनाने का काम करने गए थे। साथ में संगीता व एक बेटे को ले गए थे। संगीता भट्टे पर उनके लिए खाना बनाती थी। वहां की गर्मी से वह मानसिक रूप से बीमार पड़ गई। इसके पूर्व भी वह मानसिक रूप से बीमार रह चुकी है। हालांकि, उपचार के बाद ठीक हो गई थी।
एक युवक से चल रही पूछताछ
जीआरपी ने घटनास्थल के पास से ही धौलपुर निवासी एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। हालांकि, युवक का कहना है कि उसने युवती को एक लड़के के साथ देखा था। इस बात की जानकारी उसने प्लेटफार्म पर मौजूद जवानों को दी थी।