पानी डाल कर बहाया था फर्श पर फैला खून
हत्यारोपी बेटे ने पिता की हत्या करने के बाद फर्श पर फैले खून को पानी डालकर धोया भी था। जांच में पुलिस ने पाया कि धोने के बाद भी फर्श पर खून के धब्बे मिले थे। गद्दे पर एक खोखा भी पुलिस को मिला था।
ट्रांसपोर्टर की हत्या कर शव कूड़े के ढेर में फेंका
मूल रूप से कानपुर नगर के थाना महराजपुर के भदासा गांव निवासी पवन कुमार यादव (43) ट्रांसपोर्टर था। वह दूसरी पत्नी और बेटा-बेटी के साथ सदर कोतवाली के मोहल्ला शिवनगर में रहता था। पवन की पहली शादी सदर कोतवाली के अजीतनगर गांव निवासी नीलम से हुई थी। नीलम से एक बेटा प्रदीप उर्फ भूरा और तीन बेटियां है। 2009 में पत्नी नीलम की ममेरी बहन जमुना से पवन की नजदीकियां हो गईं। 2010 में उसने जमुना से शादी रचा ली। पहली पत्नी और बेटा रामनगर मोहल्ले में पुराने मकान में रहते हैं।
तमंचे से ताबड़तोड़ कई गोलियां मारीं, हत्यारोपी पहली पत्नी और बेटा भागे
मृतक के छोटे भाई पंकज ने पुलिस को बताया कि पवन के पास तीन ट्रक थे। पंकज ने बताया कि कुछ समय से भतीजे प्रदीप उर्फ भूरा से ट्रक व अन्य संपत्ति और नया व्यवसाय डालने के लिए रुपयों की मांग को लेकर भाई पवन का विवाद चल रहा था। शनिवार शाम करीब सात बजे पवन ने प्रदीप को किसी काम के सिलसिले में फोन किया।
ट्रकों और रुपयों को लेकर चल रहा था विवाद
फोन पर बात करने के बाद पवन बेटे प्रदीप के घर गया था। अनहोनी की आशंका पर उसने रात में पवन को फोन भी मिलाया था, लेकिन स्विच ऑफ था। रविवार सुबह पवन का शव मिलने की सूचना मिली। सीओ सिटी आशुतोष कुमार, कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार दुबे मौके पर पहुंचे और जांच की। उधर, मृतक की पहली पत्नी और बेटा घर में ताला बंद कर भाग गए। फॉरेंसिक टीम की जांच में घर में हत्या करने के बाद शव फेंकने की पुष्टि हुई है।
सीओ सिटी ने बताया कि मृतक की दूसरी पत्नी जमुना देवी की तहरीर पर नीलम और उसके बेटे प्रदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 315 बोर के तमंचे से चार गोलियां चलाने की बात सामने आई है। मृतक के शरीर पर भी चार जगह गोली लगने के निशान मिले हैं।