स्कवाड्रन लीडर मीत कुमार अपनी पत्नी के साथ
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हिमाचल प्रदेश के फतेहपुर के गांव पल्ली में क्रैश हुए एयरफोर्स के मिग-21 के स्कवाड्रन लीडर मीत कुमार की पत्नी ने उनके शरीर के अवशेषों से उनकी पहचान कर मौत की पुष्टि की। एयरफोर्स स्टेशन के केंद्रीय विद्यालय-1 में कंप्यूटर टीचर मीत की पत्नी नैनी गुप्ता को वीरवार को सुबह उनके पति के पैर का हिस्सा और 6 इंच लंबा एक टुकड़ा दिखाया गया। नैनी ने पैर के हिस्से से ही पति के शव की शिनाख्त की। उनकी तीन साल की बेटी भी है।
इसके अलावा स्कवाड्रन लीडर मीत कुमार के शरीर के कुल 5 अवशेष एयरफोर्स की फोरेंसिक टीम ने हासिल कर उसके डीएनए और हादसे वाली जगह से ब्लड सैंपल लिए हैं। स्कवाड्रन लीडर मीत कुमार 2016 में पत्नी नैनी और बेटी के साथ पठानकोट ट्रांसफर हुए थे। 2017 में पत्नी नैंसी की कॉन्ट्रैक्ट जॉब केंद्रीय विद्यालय में लगी थी। एयरफोर्स अधिकारियों के मुताबिक वीरवार को सुबह मीत कुमार के शरीर के अंगों को दिल्ली में अंतिम विदाई के लिए विशेष विमान से भेज दिया गया।
हादसे के बाद कहा, जिंदा हैं, शाम को आया शहादत का संदेश
हादसे की सूचना के बाद एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों ने रिहायशी एरिया में स्कवाड्रन लीडर मीत कुमार की पत्नी को उनकी मौत की खबर नहीं दी। बताया गया कि मीत कुमार लापता हैं लेकिन देर शाम अधिकारियों ने नैंनी को पति की शहादत की जानकारी दी। एयरफोर्स के अधिकारियों की पत्नियों ने नैंसी को ढांढस बंधाया। उनके साथ काम करने वाले कुछ टीचरों ने बताया कि नैंनी अभी कुछ दिन पहले ही अपने भाई की शादी से लौटी थीं ।
बुधवार को सुबह स्कूल में आने पर सभी उनकी ड्रेस देखकर कॉम्लिमेंट्स दे रहे थे। लेकिन दोपहर तक जैसे ही एयरफोर्स अधिकारियों ने उनके पति का विमान क्रैश होने की जानकारी दी तो माहौल गमगीन हो गया है। इधर, हादसे के बाद एयरफोर्स के रिहायशी एरिया में किसी को जाने की परमिशन नहीं दी गई है। केवल अधिकारियों के परिवार ही मीत कुमार के घर पर पहुंच सके।
लोगों की जान बचाने पर गई मीत की जान
पठानकोट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद जब विमान में खराबी आई तो वह रिहायशी एरिया के ऊपर उड़ रहा था। पायलट मीत कुमार ने लोगों की जान बचाने की खातिर उसे आबादी के बाहर ले जाने की कोशिश की। इसी जद्दोजहद में विस्फोट हुआ और विमान क्रैश हो गया। हादसे की जगह पहुंचे अधिकारियों ने यह जानकारी दी।