24jjrp04- बहादुरगढ़ में आरटीई के तहत अपने बच्चों के आवेदनों की जांच कराने पहुंचे अभिभावक। स्रो
झज्जर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए किए गए आवेदनों का शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में सत्यापन किया गया। इसमें बच्चों के आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज की जांच की गई। इसके बाद अब लाटरी सिस्टम के आधार पर ड्रॉ निकाला जाएगा।
जिले में कुल 1444 आवेदन आए हैं, जिनके सत्यापन का काम तीन दिन तक किया गया। बहादुरगढ़ में देर शाम तक यह काम जारी था। झज्जर ब्लाक की बात करें तो यहां पर कुल 275 आवेदन आए थे। इसमें से 169 आवेदन अप्रूव कर दिए गए जबकि 8 आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। इसके अलावा 86 आवेदक गैर हाजिर रहे।
बहादुरगढ़ में 962 आवेदन आए हैं, जिनके सत्यापन का काम देर शाम तक जारी रहा। जो आवेदक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उपस्थित होने में विफल रहा है, उसके आवेदन बिना किसी सूचना के अस्वीकृत किया जा सकेंगे। दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण न होने की स्थिति में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।
पांच दिन में स्कूल में उपस्थित होना होगा
सत्यापन के बाद ड्राॅ निकाला जाएगा। इसमें सफल घोषित उम्मीदवारों को आवंटित स्कूल में 5 दिनों के भीतर उपस्थित होना होगा, ऐसा न करने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। यदि प्रवेश अस्वीकार किया जाता है तो स्कूल को इसका कारण स्पष्ट रूप से बताना होगा।
शिकायत के लिए बनी समिति
पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शिकायतों का समाधान करने के लिए समितियां कार्य करेंगी। ब्लॉक-स्तरीय निगरानी समिति डीईईओ गठित करेंगे। इसमें संबंधित ब्लॉक-स्तरीय अधिकारी, एक सरकारी स्कूल प्रिंसिपल (डीईईओ की तरफ से नामित) होंगे। पहली अपीलीय समिति जिला स्तर पर बनेगी। इसमें संबंधित जिले के डीईईओ और डिप्टी डीईओ होंगे। मामला हल नहीं होता है तो इसे ज्वाइंट डायरेक्टर एडमिन (निजी स्कूल नियंत्रक अधिकारी) के पास भेजा जा सकता है जो अंतिम अपीलीय प्राधिकारी होंगे। यही नहीं किसी स्कूल के खिलाफ किसी भी विवाद के मामले में संबंधित समिति अपनी ओर से जांच शुरू कर सकती है।