जनपद की दोनों विधानसभाओं में बिना अनुमति के दर्जनों वाहन चुनाव प्रचार में फर्राटा भर रहे हैं। अब तक दोनों विधानसभाओं में प्रचार के लिए मात्र तीन दलों के प्रत्याशियों द्वारा निर्वाचन आयोग से मात्र तीन वाहनों की अनुमति ली गई है। बाकी प्रत्याशियों द्वारा बिना अनुमति के ही वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।
ललितपुर से 14 और महरौनी 13 विभिन्न राजनीतिक पार्टियों व निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा विधानसभा निर्वाचन-2017 के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। नामांकन करने के दौरान अधिकांश प्रत्याशियों खुद का ब्यौरा देने के दौरान वाहनों का ब्यौरा भी दिया है। इसके तहत ललितपुर व महरौनी की दोनों विधानसभाओं के कई प्रत्याशियों द्वारा एक या मात्र दो ही चार पहिया वाहनों का विवरण नामांकन के दौरान भरा है और कई प्रत्याशियों के पास कोई भी वाहन का ब्यौरा नहीं दिया गया है। जबकि अधिकांश प्रत्याशियों द्वारा रोजाना चार से पांच या फिर इससे भी कहीं अधिक संख्या में उनके समर्थन में उनके परिजनों व चाहने वालों के वाहन गली-गली और गांव-गांव घूम रहे हैं। नामांकन के दौरान महरौनी विधानसभा से कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी बृजलाल खाबरी के पास महिंद्रा जीप दर्शायी गई है। जबकि सपा के प्रत्याशी रमेश खटीक के पास तीन जीप, पिकअप, स्कॉर्पियो और होंडा स्कॉर्पियो बताई गई है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी मन्नू कोरी के पास जीप व स्कॉर्पियो है, जबकि बसपा प्रत्याशी फेरनलाल के पास महिंद्रा एसयूवी बताई गई है। इसी प्रकार ललितपुर विधानसभा से संतोष कुशवाहा के पास एक्टिवा, ट्रैक्टर-ट्रॉली है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी रामरतन के पास मात्र एक डस्टर कार को नामांकन के दौरान ब्यौरा में दर्शाया गया है। वहीं, सपा प्रत्याशी ज्योति सिंह के पास कोई भी वाहन नहीं दर्शाया गया है। इनमें से अधिकांश प्रत्याशियों द्वारा अब तक प्रचार के लिए कोई भी वाहन की अनुमति नहीं ली गई है। ललितपुर व महरौनी विधानसभा चुनाव के लिए अब तक मात्र तीन प्रत्याशियों द्वारा कुल तीन वाहनों की अनुमति निर्वाचन आयोग द्वारा ली गई है। इसमें बसपा के जिलाध्यक्ष जानकी प्रसाद अहिरवार द्वारा एक बोलेरो वाहन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी पर्वतलाल अहिरवार द्वारा एक बोलेरो चार पहिया वाहन व अपना दल से जीतेंद्र सिंह द्वारा एक चार पहिया वाहन की अनुुमति निर्वाचन आयोग से ली है। यानि जनपद में निर्वाचन आयोग द्वारा मात्र तीन प्रत्याशियों के लिए तीन वाहनों से चुनाव प्रचार करने की अनुमति प्रदान की गई है। जबकि हर दल के प्रत्येक प्रत्याशी के समर्थन में करीब एक-एक दर्जन या इससे भी कहीं अधिक चार पहिया वाहन चुनाव प्रचार में उपयोग हो रहे हैं। निर्वाचन आयोग की गाईडलाइन के अनुसार कोई भी प्रत्याशी जिला निर्वाचन आयोग की अनुमति लेकर कम से कम तीन वाहनों का उपयोग कर सकता है। लेकिन यहां तो प्रत्याशियों द्वारा अब तक दोनों विधानसभाओं में तीन प्रत्याशियों को छोड़कर बाकी सभी प्रत्याशियों द्वारा दर्जनों वाहनों के साथ प्रचार कर आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जिस ओर जिला निर्वाचन आयोग भी मौन बना हुआ है और अब तक किसी भी प्रत्याशी पर बिना अनुमति इन वाहनों के चुनाव प्रचार में उपयोग के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
बाहरी जनपदों के वाहन भी करेंगे शिरकत
ललितपुर (ब्यूरो)। विधानसभा चुनाव में नामांकन करने वाले विभिन्न दलों के प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी जा रही है। इसके तहत क्षेत्रीय वाहनों के अलावा कई दलों द्वारा अन्य जनपदों के वाहनों को भी प्रचार के लिए अनुमति ली गई है। इनके माध्यम से प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार के लिए उपयोग किया जाएगा। महरौनी क्षेत्र में भाजपा के लिए यूपी 78 क्रम की यानी कानपुर नगर के चार वाहन यूपी 78 ईपी 5492,7851,7911 और 7853 चार वाहनों को महरौनी क्षेत्र में बीजेपी के प्रचार के लिए अनुुमति ली गई है।
सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। नामांकन वापसी के बाद प्रत्याशियों के प्रचार अनुमति के लिए दिए गए वाहनों पर नजर रखी जाएगी। आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी नियम विपरीत वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी, डा रुपेश कुमार