पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा कॉलेज छात्रों के लिए शुरू की गई स्मार्टफोन वितरण योजना के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार से असंतुष्ट विपक्ष ने विधानसभा में जोरदार हंगामा मचाया। इस हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और प्रश्नकाल भी नहीं चल सका।
दरअसल पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के द्वारा कॉलेज छात्रों के लिए स्मार्टफोन बांटने की योजना शुरू की गई थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया जिससे इस योजना का लाभ छात्रों को अभी तक नहीं मिल पाया है।
इस मुद्दे को विधानसभा में भाजपा सदस्य चैतन्य कुमार कश्यप ने उठाया और इसपर जवाब मांगा । जिसके जवाब में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने सदन को बताया कि इस योजना के तहत दिए जाने वाले स्मार्टफोन की गुणवत्ता ठीक नहीं है। 2100 रुपए के स्मार्ट फोन 21 दिन नहीं चल रहे। इन स्मार्टफोन के ठीक से न चलने की कई शिकायतें आई हैं। इसकी हम जांच करा रहे हैं।उन्होंने कहा कि इससे कहीं अच्छी योजना पर काम चल रहा है। यह योजना बंद नहीं की गई है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि आप 5,000 या 10,000 रुपये का स्मार्टफोन दें, लेकिन स्पष्ट करें। युवाओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। यह बताएं कि अच्छी योजना क्या होगी? इस पर पटवारी ने कहा कि पिछली भाजपा नीत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में स्मार्टफोन देने की घोषणा की गई थी। इस योजना में छात्रों को स्मार्ट फोन का वितरण वर्ष 2016-17 में शुरू हुआ था। राजनीतिक लाभ के लिए यह यह योजना चालू की गई थी।
तत्कालीन सरकार 5,000 से 8,000 रुपये का स्मार्टफोन देने की योजना बना सकती थी, लेकिन 2,100 रुपये के स्मार्ट फोन दिए गए, जो नई तकनीक पर आधारित नहीं थे। यह छात्रों के साथ छलावा था। उन्होंने कहा कि हम इससे अच्छी योजना लाएंगे लेकिन समय बताना ठीक नहीं है।
इस पर भार्गव ने कहा कि क्या इसी वर्ष स्मार्टफोन उपलब्ध कराएंगे।विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर कहा कि हम उत्तर देने के लिए मंत्री को बाध्य नहीं कर सकते। इससे नाराज होकर भाजपा सदस्यों ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया, जिसके चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।