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धोबी व नौकर बने डॉन दाउद के गुर्गे, एक डॉक्टर को किया फोन और फिर हुआ यह 

Thu, 06 Apr 2017 06:10 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : Vishnu Sharma
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राजधानी जयपुर में दाउद इब्राहिम  के गुर्गे बनकर एक डॉक्टर व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देकर 10 लाख रुपए की फिरौती की मांग की खबर ने पुलिस महकमे में सनसनी मचा दी। लेकिन मोबाइल नंबर के आधार पर पड़ताल में जुटी जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर ही मंगलवार देर रात को केस का पर्दाफाश कर दिया।
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फिरौती मांगने वाले कोई बदमाश नहीं बल्कि मालवीय नगर में डॉक्टर के बंगले के सामने एक डेयरी बूथ का कर्मचारी और कपड़े धुलाई करने वाला उसका दोस्त निकला। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शुभम धोबी (20) है, जो कि बीकानेर का है यहां जयपुर में जामडोली, आगरा रोड पर रहता है। वहीं, दूसरा आरोपी दिलीप सिंधी (22) अजमेर का रहने वाला है। यहां मालवीय नगर में डॉक्टर पवन अग्रवाल के सामने एक डेयरी बूथ पर कर्मचारी है।
 
पवन कुमार अग्रवाल जेएलएन मार्ग स्थित महावीर कैंसर अस्पताल में डॉक्टर है। रुपयों की जरुरत के चलते डेयरी बूथ पर कर्मचारी दिलीप सिंधी ने अपने दोस्त शुभम के साथ मिलकर डॉक्टर अग्रवाल से फिरौती की रकम वसूलने की साजिश रची।
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व्हाट्स—अप में डॉन दाउद इब्राहिम का फोटो डीपी लगाया

extortion - फोटो : demo pic
उन्होंने अपने एक परिचित युवक से उसके मोबाइल फोन की सिम ली। जिस पर व्हाट्स—अप शुरु किया और जिसमें डॉन दाउद इब्राहिम का फोटो डीपी लगा दिया। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर पवन के मकान के बाहर लगे बोर्ड से उनके मोबाइल नंबर ले लिए और उन्हें सोमवार व मंगलवार को व्हाट्सअप से करीब 20 से ज्यादा मैसेज किए। साथ ही दो वाइस कॉल भी किए। इनमें खुद का नाम वसीम खान व अन्य बताकर दाउद का गुर्गा होने की बात कही। उन्होंने डॉक्टर पवन व उनके परिवार को मारने की धमकियां देते हुए 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। 

धमकी भरे फोन के बाद परेशान हुए डॉक्टर ने मंगलवार शाम को जवाहर सर्किल थानाप्रभारी हरिशंकर शर्मा को मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसीपी दिनेश शर्मा और थानाप्रभारी हरिशंकर शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अनुसंधान शुरु किया। जिस नंबर से मैसेज आए। उसे दोनों आरोपियों ने बंद कर ​लिया था। ऐसे में पुलिस तकनीकी टीम की मदद लेकर उस युवक तक पहुंच गई। जिससे दोनों आरोपियों ने सिम ली थी। युवक ने दिलीप व शुभम के बारे में बताया। पुलिस ने उन्हें देर रात पकड़कर पूछताछ शुरु की तब मामले को खुलासा हो गया। 
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