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Bihar: मां से मिलकर लौटा कुछ घंटे बाद नवादा जेल में मृत मिला बेटा; ड्यूटी पर तैनात सिपाही निलंबित, जांच शुरू

Thu, 23 Jul 2026 02:03 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

नवादा जिला कारागार में 20 वर्षीय बंदी घनश्याम चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन का दावा है कि उसने तौलिये से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवादा जिला कारागार में बुधवार को पिछले वर्ष 25 मई से बंद एक बंदी जिसकी पहचान  20 वर्षीय घनश्याम चौहान के तौर पर हुई है उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन का दावा है कि बंदी ने अपने सेल के भीतर तौलिये के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, लेकिन घटनास्थल या उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

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कौन था मृतक बंदी और कब से जेल में था?
मृतक बंदी की पहचान 20 वर्षीय घनश्याम चौहान के रूप में हुई है। वह नवादा जिले के मेसकौर थाना क्षेत्र स्थित महाराजा वन गांव का रहने वाला था। जेल अधीक्षक के अनुसार, घनश्याम को पिछले वर्ष 25 मई से नवादा जिला कारागार में रखा गया था। जेल अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे घनश्याम अपने सेल में सीढ़ी के पास लगी ग्रिल से तौलिये के सहारे लटका हुआ मिला। जिसके बाद जेल प्रशासन ने तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई।

क्या मौके से कोई सुसाइड नोट मिला?
जेल अधीक्षक ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बंदी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के लिए पंचनामा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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क्या परिवार वालों ने उसी दिन मुलाकात की थी?
जेल अधीक्षक ने बताया कि घटना से पहले बुधवार को ही घनश्याम की मां उससे मिलने जेल आई थीं। इसके अलावा उसका भाई और चाचा भी इसी जेल में बंद हैं। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी जेलकर्मी की गंभीर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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आखिर आत्महत्या की वजह क्या थी?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घनश्याम ने कथित तौर पर आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। जेल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां घटना के पीछे की वजहों की जांच कर रही हैं।

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