महेंद्रगढ़। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर उपमंडल विधिक सेवा समिति महेंद्रगढ़ के अध्यक्ष एसडीजेएम विक्रांत के तत्वाधान में वीरवार को गांव चितलांग में ग्रामीणों को जागरूक कार्यक्रम किया गया।
अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह शेखावत और विधिक सेवक विजय सिंह ने बताया कि इसकी शुरुआत एक अक्तुबर 1991 में की गई थी और यह दिवस पूरे विश्व में 01 अक्तुबर को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों का योगदान का सम्मान करना।
उनके अधिकारों के कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना। इस इस दिन वरिष्ठ नागरिकों वृद्ध परिजनों के प्रति आदर, प्रेम व्यक्त किया जाता है। बुजुर्गों के सामने आने वाली चुनौतियां अकेलापन स्वास्थ्य समस्याएं अपेक्षा और दुर्व्यवहार के खिलाफ जागरूक करना होता है। यह दिन याद दिलाता है कि बुजुर्ग हमारी संस्कृति परंपराओं और इतिहास के जीवंत संवाहक और मार्गदर्शक होते हैं।
इस मौके पर भूप सिंह, रोशन लाल, सरपंच कृष्ण कुमार, राजेश कुमार, सुनील सिंह, अर्जुन सिंह, मूर्ति देवी, कलादेवी, रोशनी देवी, कमलेश देवी, कृष्णा देवी, सुनीता देवी मौजूद रही। वृद्धजनों के सम्मान और गरिमा के प्रति संवेदनशीलता जरूरी : डॉ. विक्रम सिंह : कनीना। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को वृद्धजनों के सम्मान, अधिकारों, कल्याण और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूक करना रहा।
प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी प्रोफेसर नीतू एवं प्रोफेसर सीमा ने बताया कि प्रत्येक स्वयंसेविका को एक वृद्धजन को गोद लेना होता है।
कार्यक्रम में गुंढा गांव निवासी 84 वर्षीय मुन्नीलाल और 80 वर्षीय बलिराम ने छात्राओं से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। संचालन डॉ. सुधीर ने किया।