गेट बंद देख डीएम ने सीएमएस को तलब कर लिया, जिसके बाद खलबली मच गई। वार्ड में बाल रोग चिकित्सक भी गैर हाजिर थे। डीएम को यहां गंदगी भी मिली, जिस पर सीएमएस से नाराजगी जाहिर की और जवाब तलब भी किया।
नगर विकास मंत्री आजम खां की सख्ती के बाद भी जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओँ का जायजा लेने केलिए जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने रविवार की सुबह करीब दस बजे छापा मारा। डीएम जब यहां पहुंचे तो उनको अस्पताल में प्रवेश का मुख्य गेट बंद मिला। गेट के बाहर तीमारदार खड़े थे, जिनसे डीएम ने पूछा कि वे कैसे खड़े हैं, जिस पर बताया गया कि अस्पताल का गेट बंद कर उन्हें बाहर कर दिया गया है। डीएम के आने की सूचना मिलते ही अस्पताल कर्मियों में भी हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में मुख्य गेट खोला गया।
इसके बाद डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें वार्डों में गदंगी मिली, जिस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम ने सीएमएस से पूछा कि इतनी गदंगी कैसे है। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद डीएम को यहां बाल रोग चिकित्सक डा.एके शर्मा भी गायब मिले। बताया गया कि वह अवकाश पर हैं।
डीएम ने यहां पर व्यवस्थाएं सुधारने के आदेश दिए हैं। कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें,ताकि किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो। इस कार्रवाई से खलबली मच गई।