अब पुलिस महकमे के अंतर्गत स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात कर्मियों की यदि ड्यूटी के दौरान जान जाती है, तो उनके परिजनों को 50 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, दंगों या अन्य कार्य में जान गंवाने वाले प्रदेश के पुलिस जवानों के बच्चों को पढ़ाई के लिए चार साल तक अधिकतम एक लाख रुपये सालाना राशि स्कूल शुल्क प्रतिपूर्ति के रुप में प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा चार लाख रुपये होगी।
पुलिस महकमे के महानिदेशक मुख्यालय केके मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में हरियाणा पुलिस और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत पुलिसकर्मियों के हित में यह निर्णय लिए गए हैं।
इस एमओयू पर हरियाणा पुलिस की तरफ से महानिदेशक मुख्यालय केके मिश्रा और एचडीएफसी के शाखा बैंकिंग प्रमुख विनीत अरोड़ा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बोलते हुए केके मिश्रा ने बताया कि बैंक के साथ हुए नए समझौते के तहत अब स्थायी विकलांगता होने पर पुलिस कर्मियों को 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, और जो आंशिक विकलांगता की स्थिति में उन्हें पांच लाख रुपये की राशि बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी।
घायल पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए बैंक द्वारा पहली बार यह सुविधा शुरू की जा रही है। इसी तरह प्राकृतिक मृत्यु होने पर पुलिसकर्मियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुदान राशि को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार रुपये किया गया है। बैंक द्वारा दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु के मामले में दी जा रही 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के लिए कार्ड स्वाइप की पात्रता को भी हटा दिया गया है।
अब संशोधित एमओयू के मुताबिक सभी पुलिसकर्मियों को दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु के मामले में 30 लाख रुपये और प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी।