प्रेमी की सूचना पर ग्वालियर बाईपास के पास मिला कंकाल
- हत्या की आशंका पर जांच तेज, डीएनए जांच के लिए अवशेषों को आगरा फॉरेंसिक टीम अपने साथ ले गई
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बढ़पुरा थाना क्षेत्र में आगरा पुलिस ने ग्वालियर बाईपास स्थित सुनवारा गांव के पास से एक युवती के नरकंकाल के अवशेष बरामद किए हैं। कार्रवाई युवती के प्रेमी की ओर से दी गई सूचना के आधार पर की गई। प्रेमी ने आरोप लगाया है कि युवती की हत्या उसके ही माता-पिता ने कर शव को यहां लाकर फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में किसी पर भी औपचारिक आरोप तय नहीं किए हैं।
नरकंकाल और अवशेष आगरा कमिश्नरेट के थाना मलपुरा क्षेत्र स्थित विनायक गार्डन निवासी रिटायर्ड दरोगा रणवीर सिंह यादव की पुत्री अंशु यादव (35) के होने की आशंका जताई गई है। बता दें कि अंशु यादव गुमशुदगी 30 अक्तूबर 2025 को थाना मलपुरा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि अंशु शाम करीब पांच बजे घर से बिना बताए निकल गई थी और उसके बाद नहीं लौटी थी। 13 दिसंबर को अंशु के प्रेमी ने पुलिस को सूचना दी कि युवती की हत्या उसके ही परिवार के लोगों ने ही कर दी है। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को इटावा जनपद के बढ़पुरा क्षेत्र में फेंक दिया गया है। इस सूचना के बाद आगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और युवती के माता-पिता व अन्य परिजनों से पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और संदेह के आधार पर आगरा कमिश्नरेट की थाना मलपुरा पुलिस टीम रविवार को बढ़पुरा थाना क्षेत्र जांच की। आगरा कमिश्नरेट के थाना मलपुरा प्रभारी विनोद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्वालियर बाईपास के पास सुनवारा गांव पहुंची, जहां परिजनों की निशानदेही पर झाड़ियों और खुले क्षेत्र में तलाश की गई। तलाशी के दौरान वहां से नरकंकाल के अवशेष बरामद हुए। सूचना मिलते ही मौके पर आगरा की फॉरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। बढ़पुरा प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि शव को यहां फेंके जाने के बाद लंबे समय तक किसी की नजर नहीं पड़ी, जिससे जंगली जानवरों ने शव को नोच खाया। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद अवशेष अंशु यादव के ही हैं या नहीं। इसके बाद ही दोषियों की भूमिका तय कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।