योगी सरकार 2.0 के मंत्रीमंडल में एक और नया चेहरा शामिल किया गया है। कानपुर देहात से भोगनीपुर विधानसभा सीट से जीतकर आए राकेश सचान ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है। राकेश सचान की कुर्मी बिरादरी में पकड़ मानी जाती है और कानपुर नगर, देहात व फतेहपुर जिलों में लगातार सक्रिय रहने के साथ आसपास जिलों में भी असर है। उनके कैबिनेट में शामिल होने से कानपुर देहात के विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिला जनता और जमीन से जुड़े होने का फायदा
राकेश सचान के व्यक्तित्व की खासियत हैं कि वे अपने से जुड़े लोगों को न केवल एक माला में पिरोए रखने का हुनर जानते थे, बल्कि स्नेह के रिश्तों की डोर को कैसे मजबूत रखा जाए इसका भी उन्हें भलीभांति अुनभव है। छात्र राजनीति से लेकर कैबिनेट तक के सफर में वो जनता व जमीन से जुड़कर चले हैं और इसी का फायदा उन्हें मिला है।
छात्र राजनीति में बनाई अलग पहचान
20 दिसंबर 1964 में कानपुर में जन्मे राकेश सचान का शुरूआती सफर बेहद संघर्षशील रहा है। उनकी छात्र राजनीति की शुरूआत कानपुर के डीएवी कॉलेज से हुई थी। छात्र राजनीति के दौरान राकेश सचान ने छात्रों के हित के लिए संघर्ष किया।
बेहद सरल व सौम्य स्वभाव के राकेश का मानना था कि छात्र राजनीति में हमारी और विपक्षी की विचारधाराएं भले ही अलग हों, लेकिन हमारा मकसद सिर्फ और सिर्फ एक होना चाहिए छात्रों का हित। इन्हीं विचारों के चलते उन्होंने छात्र राजनीति में भी एक अलग पहचान बनाई।
पार्टी से मिला बड़ा तोहफा
राकेश सचान को सही वक्त को पहचानने और सटीक निर्णय लेने में महारथ हासिल है। 2022 चुनाव से ठीक पहले बीजेपी की सदस्यता लेकर कांग्रेस को छोड़कर बड़ा झटका दिया। भारतीय जनता पार्टी ज्वॉइन कर उन्होंने कानपुर देहात जनपद में आने वाली भोगनीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा और जीतकर प्रदेश की 18वीं विधानसभा पहुंचे।
छात्र राजनीति से लेकर आज तक के सफर जनता के बीच अच्छे जुड़ाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दल में नए होने के बाद भी योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाकर उन्हें बड़ा तोहफा दिया।