नोटबंदी के बाद से उपजी समस्या को लेकर मचे हाहाकार को देखते हुए जिले में राजनैतिक संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। नोट बंदी का विरोध करने के बाद समाजवादी मजदूर सभा के कार्यकर्ता गुरुवार को सड़क पर उतरे। इस दौरान विरोध प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ताओं ने बाल निकेतन तिराहे पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसीक्रम में रुपये न मिलने पर खाता धारकों ने देवलास स्थित काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में ताला बंदी की। मझवारा में प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि नोटबंदी के कारण किसान, मजदूर, बुनकर छात्र सभी परेशान हैं। प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुगलकी फरमान जारी कर आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। जनता अपनी ही कमाई लेने के लिए बैंक का चक्कर काट रही है। इस दौरान सपा जिला महामंत्री कुद्दूश अंसारी, ननहकू प्रसाद राजभर, रामधनी
चौहान, शिवानंद यादव, अभिमंयु यादव, लल्लन यादव, श्रीराम यादव, वीरेंद्र याआदि रहे।
मधुबनः स्थानीय क्षेत्र में स्थित बैंको पर गुरुवार के दिन सन्नाटा पसरा रहा।यूनियन बैंक की शाखा मधुबन, मर्यादपुर, उफरौली, दुबारी एवं स्टेट बैंक मधुबन, पंजाब नेशनल बैंक फतेहपुर, दरगाह, राजेंद्र नगर, काशी गोमती ग्रामीण बैंक परशुपुर, दुबारी, सिपाह आदि बैंक खुले तो रहे लेकिन पैसों के अभाव में उपभोक्ता वापस हो गए।स्टेट बैंक के मैनेजर विजय कुमार अपराह्न लगभग तीन बजे कुछ कैश लेकर आए तो लोगों को दो-दो हजार रुपये काफी मशक्कत के बाद मिल सके। पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में पिछले तीन दिन से कैश नहीं होने के कारण लोग वापस हो गए। गुरुवार को स्टेट बैंक का एटीएम किसी को राहत नहीं पहुंचा सका जबकि एचडीएफसी बैंक के एटीएम में शाम को पैसा डाला गया। जहां लाइन देखने को मिली।
नदवासरायः विकास खंड मुहम्मदाबाद गोहना अंतर्गत देवलास स्थित काशी गोमती संयुत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पर लगभग एक सप्ताह से बैंक द्वारा ग्रामीणों का पैसा न मिलने पर आज ग्रामीणों का गुस्सा सुबह फूट गया। तड़के लाइन लगाए ग्रामीण खाताधारक बैंक पर पैसे के लिए लाइन मे थे और बैंक पर बाहर से अपना ताला लगा दिया था। बैंक खोलने पहुचे शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों को अंदर जाने नहीं दिया और पैसे के लिए नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों की मांग थी कि आज पैसा मिलेगा तो बैंक खुलेगा नहीं मिलेगा तो नहीं खुलेगा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाल ने ग्रामीणों ने ग्रामीण बैंक के रिजनल मैनेजर से दूरभाष से वार्ता किया। रिजनल मैनेजर के आश्वासन पर अपराह्न बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर अपना ताला खोला। इसके बाद पर कार्य चालू हुआ।