22jjrp21- श्री कांशी गिरि मंदिर में कथा के समापन पर श्री प्रेम मंदिर पानीपत से पहुंची बृज रसिका
झज्जर। नवरात्र आरंभ हो चुके हैं। नवरात्र में लोग मंदिरों में जा कर मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। बेशक मंदिरों में जाकर दुर्गा की उपासना करना श्रेष्ठतम है, लेकिन उससे पहले जरूरी है अपने परिवार समाज और आसपास में मां दुर्गा के ही रूप में रहने वाली महिलाओं का सम्मान करना।
यह कहना है आश्रम हरि मंदिर पटौदी के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव का। श्री कांशी गिरि मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के समापन अवसर पर पहुंचे स्वामी धर्मदेव न कहा कि जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवता स्वयं निवास करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में मंदिरों में जाने से पहले अपने घर की महिलाओं का सम्मान करे तो परमात्मा स्वयं ही प्रसन्न होते हैं।
झज्जर पहुंचने पर कथाव्यास स्वामी उमानंद, मानस मित्र मंडल के सदस्यों वीके नरूला, श्रवण मदान, गौतम आर्य, देवराज भुगड़ा, रविंद्र सोनी, लक्ष्य वर्मा, दिनेश दुजाना, राधेश्याम भाटिया, शंकर ग्रोवर, सतीश ढींगड़ा, सुभाष वर्मा ने स्वामी धर्मदेव का स्वागत किया।