पेशवाई के दाैरान नागा साधु।
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पंजाब के पूर्व सीएम, अजय राय और चंद्रशेखर पहुंचे
संत रविदास मंदिर में दर्शन करने के लिए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद, पंजाब के होशियारपुर के सांसद राजकुमार जब्बेवाल, पंजाब कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद शमशेर सिंह दुलो, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे। सभी ने संत निरंजन दास, संत श्रवण दास का आशीर्वाद लिया।
आराध्यदेव और निशान की अगुवाई में निकली 500 नागा साधुओं की पेशवाई
वाराणसी। माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ में चौथा अमृत स्नान चल रहा था, वहीं काशी में सबसे बड़े जूना अखाड़े के 500 नागा साधुओं ने नगर दर्शन दिया। ठाट-बाट से निकली उनकी पेशवाई के दर्शन कर लोग धन्य हो गए। अपने आराध्यदेव और निशान की अगुवाई में नागा साधु हनुमान घाट से निकले।
रास्ते भर करतब दिखाते नागा साधुओं का जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ स्वागत हुआ। इससे पहले जपेश्वर महादेव मठ में आराध्यदेव व निशान की पूजा हुई। भंडारे के बाद ठाट-बाट के साथ पेशवाई निकाली गई। आगे आखाड़े के आराध्यदेव दत्तात्रेय और निशान था तो बैंडबाजे और डमरुओं की निनाद के बीच 500 से अधिक श्रीमहंत, नागा साधु और साध्वी चल रहे थे।
काशी के गंगा घाटों पर स्नान के लिए उमड़े भक्त।
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गंगा के घाटों पर आठ लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
माघी पूर्णिमा पर बुधवार को आश्लेषा नक्षत्र और आयुष्मान व सौभाग्य योग में श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्रधारा में पुण्य की पांंच-पांच डुबकी लगाई। घाट किनारे के लोगों के अनुसार अाठ लाख श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे।
मां गंगा को पुष्प, धूप और दीप आदि नैवेद्य अर्पित किया। उधर, कैथी स्थित गंगा-गोमती के संगम तट और शूलटंकेश्वर महादेव के घाट पर स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
माघ पूर्णिमा पर महाकुंभ का चौथा अमृत स्नान था। बनारस में मंगलवार की शाम को ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। जबकि बुधवार को सुबह 6:35 बजे तक भद्राकाल रहा। फिर भी स्नान करने के लिए भोर में ही श्रद्धालु पहुंच गए थे। गंगा में स्नान करने का सिलसिला रात तक चला। दशाश्मेध घाट, शीतला घाट पर शाम तक काफी भीड़ रही। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा में पांच डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। इसका संबंध मानव शरीर के पंच तत्वों से है। जो पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के रूप में मौजूद है।
विश्वनाथ धाम में 8 घंटे बाद मिले दर्शन
माघी पूर्णिमा पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आठ लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। माघी पूर्णिमा और महाकुंभ के पलट प्रवाह के चलते बुधवार को पूरे शहर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। बाबा की शयन आरती से पहले मैदागिन तक श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। 6 से 8 घंटे तक लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को बाबा की सिर्फ एक ही झलक मिली।