कामनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पूनम यादव और उनके रिश्तेदारों से मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में मुंगवार गांव के बड़े बुजुर्गों और रिश्तेदारों के हस्तक्षेप के बाद शनिवार रात दो बजे समझौता हो गया।
दोनों पक्षों ने रोहनिया थानाध्यक्ष को लिखित दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। साथ ही, तय किया कि विवादित जमीन का मसला दोनों पक्ष एसडीएम राजातालाब के यहां जाकर सुलझाएंगे और भविष्य में दोबारा विवाद नहीं करेंगे।
इसके अलावा मारपीट से भयभीत होकर रिश्तेदारी में गई पूनम की बुआ और उनके परिवार के लोग रविवार को मुंगवार स्थित अपने घर लौट आए। वहीं, एहतियातन गांव में पुलिस का चक्रमण जारी रहा।
शिवपुर थाना अंतर्गत दांदूपुर गांव की पूनम यादव अपने परिजनों के साथ शनिवार की सुबह मुंगवार स्थित अपने फूफा कैलाश यादव और बुआ मंजू यादव से मुलाकात करने उनके घर गई थी।
इसी दौरान कैलाश के पिता मिट्ठू यादव और उनके पड़ोसी लुल्लुर यादव के बीच जमीन विवाद के पुराने मामले को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसमें दोनों पक्ष से 12 लोग घायल हुए जबकि दो दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।
मामले की शिकायत लेकर पूनम के साथ ही दूसरा पक्ष रोहनिया थाने पहुंचा। उधर, घटना में पूनम का नाम आता देख क्षेत्र के संभ्रांत लोग खासे आहत थे। इसी वजह से मुंगवार ग्राम प्रधान पति प्रकाश यादव, पूर्व प्रधान लल्लू यादव, शाहाबाद के प्रधान गोपाल यादव सहित अन्य लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की।
दोनों पक्षों को समझाया कि मुकदमेबाजी से मामला नहीं सुलझेगा। जो हुआ उसे भूलकर मामले को खत्म करें। संभ्रात लोगों की यह पहल रंग लाई और रात दो बजे के लगभग इंस्पेक्टर रोहनिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
इस संबंध में सीओ सदर अंकिता सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया है। दोनों पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।