बहादुरगढ़। दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बहादुरगढ़ का अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने जांच के दौरान खामियां मिलने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। शहर में कई स्थानों पर छोटे भवनों में कोचिंग संस्थान चल रहे हैं।
बहादुरगढ़ शहर में अलग-अलग स्थानों पर कुल 40 से अधिक छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान हैं। इनमें कई संस्थान मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। अगर इन भवनों में हादसा हो जाए तो बच्चों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। अब लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की हुई मौत के बाद बहादुरगढ़ का फायर विभाग भी हरकत में आया है।
विभाग ने ऐसे कोचिंग संस्थानों की पहचान शुरू कर दी है। जहां फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां तथा सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा। ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, बहादुरगढ़ में साढ़े सात हजार फैक्टरियां भी हैं। इनमें लाखों श्रमिक काम करते हैं। पिछले दिनों एमआइई क्षेत्र में एक फैक्टरी में बॉयलर फटने से एक मजदूर की मौत हो गई थी।
इसके बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र की 40 से अधिक फैक्टरियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी मिली। विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में होटल, अस्पताल, पीजी और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों की भी विशेष जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जाएगी।
शहर के ऐसे संस्थानों की पहचान की जा रही है जहां छोटे भवनों में सेंटर चलाए जा रहे हैं और वहां पर फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां तथा सुरक्षा मानकों का अभाव है। उन्हें नोटिस जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि फिर भी व्यवस्थाएं नहीं सुधरती हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
-रमेश सैनी, फायर अधिकारी, बहादुरगढ़।