Prayagraj News : माफिया अतीक की कब्र पर चादर चढ़ाते कांग्रेस के निष्कासित नेता राजकुमार सिंह रज्जू।
- फोटो : अमर उजाला।
पार्टी ने कहा- मानसिक रूप से चल रहे बीमार
रज्जू के इस बयान के दौरान शहर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमान समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। शहर अध्यक्ष ने रज्जू को इस तरह का बयान देने से रोका और दूसरी तरफ ले गए लेकिन रज्जू यहीं नहीं रुके। कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक और अशरफ की कब्र पर तिरंगा चढ़ाने भी पहुंच गए। रज्जू ने अतीक की कब्र पर तिरंगा चढ़ाने के साथ नारे भी लगाए। उन्होंने बगल में स्थित असद की कब्र पर भी तिरंगा चढ़ाया लेकिन इस दौरान पास में ही कुछ और लोग खड़े थे।
उन लोगों ने कहा कि यह असद की कब्र है। अशरफ की कब्र दूसरी तरफ है। इसके बाद वह अशरफ की कब्र की तरफ गए। अतीक की कब्र पर तिरंगा चढ़ाए जाने की जानकारी होने पर पुलिस ने रज्जू को गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक कोतवाली थाने में ही रज्जू को रखा गया था। अंशुमन का कहना है कि रज्जू का यह बयान उनका निजी है। इससे पार्टी को कोई लेना देना नहीं है। बताया कि छह साल के लिए निष्कासित करने के साथ रज्जू की पार्षद पद की उम्मीदवारी भी वापस ले ली गई है।
प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक का कहना है कि रज्जू चार-पांच साल से मानसिक रूप से बीमार चल रहे हैं। टिकट बंटवारे के समय इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे उन्हें टिकट देने में चूक हो गई। रज्जू को उकसाने वाले पत्रकार के खिलाफ भी तहरीर दी गई है।
बयान लेने वाले यूट्यूबर के खिलाफ दी तहरीर
कांग्रेस की ओर से रज्जू का बयान लेने वाले यूट्यूबर के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। शहर अध्यक्ष की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि रज्जू मानसिक रूप से बीमार चल रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को दवा की ओवरडोज ले ली थी। उसी दौरान यूट्यूबर के पत्रकार ने उकसा कर अतीक अहमद को भारत रत्न दिलाने जैसा बयान दिलवाया। यूट्यूबर ने रज्जू को उकसाया कि इस तरह का बयान देने का चुनाव में फायदा होगा। तहरीर में यह भी लिखा गया है कि यूट्यूबर ने ही रज्जू को कब्रिस्तान ले जाकर अतीक की कब्र पर झंडा रखवाया है। इसलिए पत्रकार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करके कार्रवाई की जाए।
पिता-बहन ने कहा, ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर अनाब-सनाब बोलने लगते हैं रज्जू
रज्जू के बयान एवं गिरफ्तारी के बाद पिता एवं बहन ने भी सफाई दी है। पिता राजाराम सिंह का कहना है कि रज्जू की चार-पांच साल से तबीयत खराब है। उन्हें मानसिक बीमारी है। दवाएं चल रही हैं। जब ज्यादा तबीयत खराब होती है तब अनाब-सनाब बोलने लगते हैं। बहन लक्ष्मी का भी कहना है कि रज्जू की तबीयत खराब रहती है। गर्मी में तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है और वह अनाब-सनाब बोलने लगते हैं।
रज्जू कांग्रेस सिंबल पर ही लड़ेंगे चुनाव
विवादित बयान के बाद कांग्रेस ने राजकुमार सिंह रज्जू को निष्कासित करने के साथ पार्टी की उम्मीदवारी भी वापस ले ली है लेकिन वह पंजे के निशान पर ही चुनावी मैदान में रहेंगे। रज्जू ने नामांकन फार्म के साथ पार्टी से टिकट मिलने की दावेदारी वाला प्रपत्र लगाया है। उनका नामांकन वैध भी पाया गया है। वार्ड के निर्वाचन अधिकारी सुवेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज लगाए हैं। इसलिए उन्हें कांग्रेस का चुनाव चिह्न मिलेगा। ऐसे में रज्जू बृहस्पतिवार को नाम वापस नहीं लेते हैं तो तकनीकी तौर पर वह कांग्रेस के प्रत्याशी ही होंगे।