दिल्ली पुलिस से निराश होकर 74 वर्षीय बुजुर्ग ने कोर्ट की शरण ली है। पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों ने करोल बाग स्थित करोड़ों की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जा करवा दिया, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
बुजुर्ग का यह प्लॉट करोल बाग थाने से चंद कदम की दूरी पर है, जिस पर बिल्डर ने कब्जा कर बिल्डिंग बना दी है। हालांकि पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय व उपराज्यपाल कार्यालय के दबाब में एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन कब्जा करने वाले बिल्डर को उसमें नामजद आरोपी नहीं बनाया। कोर्ट ने बुजुर्ग की शिकायत पर करोल बाग थाना पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है।
तीस हजारी अदालत की महानगर दंडाधिकारी ने उत्तम नगर निवासी राम फल माथुर (74) की शिकायत पर करोल बाग थाना एसएचओ को एटीआर पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 मई को होगी।