पुलिस ने त्रिवेणी घाट से जबरन पकड़ा और चौकी ले जाकर लाठी डंडों से जमकर पीटा। अधमरा करने के बाद दून मार्ग पर जंगल में छोड़ दिया। गनीमत रही कि सूचना पर साथी पहुंच गए और वहां से उठाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। महंत रामेश्वर ने खाकी पर यह आरोप लगाए हैं।
शनिवार रात करीब नौ बजे नग्नावस्था में एक बाबा को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाबा ने अपनी पहचान महंत रामेश्वर निवासी प्राचीन हनुमान मंदिर, ब्रह्मपुरी, तपोवन के रूप में कराई। दर्द से कराह रहे बाबा ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह वह त्रिवेणी घाट स्नान के लिए आए थे।
इसी बीच पुलिस उसे पकड़कर घाट चौकी ले गई, जहां लाठी डंडों से शाम तक बेरहमी से पीटते रहे। बकौल बाबा मैंने छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन खाकी का दिल नहीं पसीजा और अधमरी हालत में देर शाम दून मार्ग स्थित जंगल में ले गए और वहां भी यातनाएं दीं।
ढूंढ खोज में निकले साथियों को आते देख पुलिसकर्मी भाग निकले। अस्पताल में मौजूद स्वामी हरिसेवक ने आरोप लगाया संपत्ति विवाद के चलते पुलिस ने महंत रामेश्वर पर यह जुल्म ढाया है। सूचना पर पहुंचे उपनिरीक्षक योगेश कुमार ने पीड़ित का बयान दर्ज किया।
इनका है कहना
पुलिस ने जुल्म ढाया यह आरोप सरासर झूठ है। खुद को संत बताने वाला व्यक्ति शनिवार सुबह नग्नावस्था में त्रिवेणी घाट पर आती जाती महिलाओं से छेड़खानी कर रहा था। लोगों ने टोका तो उन्हें डंडे से मारने का प्रयास किया। मौके पर एकत्रित भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी। फिर भी मामले में छानबीन की जा रही है।
-पंकज पोखरियाल, प्रभारी कोतवाली