बड़े स्तर पर हुई नकल के बाद पीजीआई प्रशासन ने 10 नवंबर को हुए एमडी/एमएस एंट्रेंस टेस्ट को रद्द कर दिया है। अब दोबारा से यह टेस्ट दिसंबर के दूसरे सप्ताह में होगा। पीजीआई की प्रवक्ता के अनुसार एंट्रेस टेस्ट की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस टेस्ट में बैठे परीक्षार्थियों को टेस्ट की नई तिथि के लिए पीजीआई की वेबसाइट को नियमित रूप से चेक करने की हिदायत भी दी गई है।
10 नवंबर को हुई परीक्षा में उपयोग हुए एडमिट कार्ड का ही प्रयोग दोबारा होने वाली परीक्षा में किया जाएगा। दिसंबर में परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता के अनुसार परीक्षा की तिथि तय होगी। अगले माह दोबारा होने वाले एंट्रेंस टेस्ट में नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का भी फैसला लिया है। सभी परीक्षा केंद्रों में मेटल डिटेक्टर व जैमर लगाए जाएंगे ताकि दोबारा से टेस्ट में नकल में हाईटेक उपकरण का इस्तेमाल न हो।
पीजीआई प्रशासन की ओर से नकल रोकने के लिए पुलिस से भी मदद मांगी जाएगी। हर परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी होंगे और हर परीक्षार्थी की पूरी चेकिंग होगी। पीजीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की बुधवार देर रात हुई बैठक में एंट्रेस टेस्ट को रद्द करने का फैसला लिया गया।
पीजीआई के अधिकारियों का कहना है कि अगर टेस्ट को रद्द नहीं किया जाता तो कुछ परीक्षार्थी न्यायालय की शरण में जा सकते थे। बैठक में यह भी कहा गया कि परीक्षा में नकल का फायदा कितने परीक्षार्थियों को मिला यह पता लगाना मुश्किल है। ऐसे में सबसे बेहतर विकल्प परीक्षा रद्द करने का ही था। पीजीआई के इस फैसले से करीब 7200 छात्र प्रभावित हुए हैं और पीजीआई के इतिहास में पहली बार यह परीक्षा रद्द की गई है।