रोहतांग दर्रा 15 नवंबर से अधिकारिक तौर पर यातायात के लिए बंद हो गया है। जिला प्रशासन ने वीरवार को लाहौल की ओर से कोकसर तथा मनाली की ओर से मढ़ी में यात्रियों की सुरक्षा के लिए बचाव चौकियां स्थापित कर दी हैं।
सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों का कहना है कि रोहतांग दर्रा में अधिक बर्फबारी हुई तो आवाजाही के लिए दोबारा नहीं खोला जाएगा। अब दर्रा लांघने वाले लोगों को कोकसर और मढ़ी बचाव चौकियों में अपना नाम व पता पंजीकरण करना आवश्यक होगा। बर्फबारी होने के साथ ही लाहौल घाटी की आबादी छह माह से अधिक समय तक शेष विश्व से कट जाएगी। ऐसी सूरत में लाहौल घाटी के लोगों की आवाजाही का मुख्य जरिया हवाई सेवा ही होगी।
उपायुक्त लाहौल स्पीति एसएस गुलेरिया ने बताया कि रोहतांग के दोनों ओर कोकसर व मढ़ी में वीरवार से बचाव चौकियों ने काम करना शुरू कर दिया है। डीसी ने बताया कि राशन, ईंधन व अन्य जरूरी वस्तुओं का भंडारण कर दिया गया है। इस बार पेट्रोल का गत साल की अपेक्षा अधिक भंडारण है। उन्होंने कहा कि इस बार जाड़े के दिनों के घाटी के अंदरूनी हिस्सों के मुख्य मार्गों को बहाल रखा जाएगा।