जंगलों में लगी भीषण आग पर समय पर काबू न पाए जाने पर पर्यावरणविदों ने चिंता व्यक्त की है।
बीज बचाओ आंदोलन के विजय जड़धारी, चिपको नेता धूम सिंह नेगी, सुदेशा बहन का कहना है कि हजारों हेक्टेयर बांज-बुरांश के मिश्रित जंगल आग की भेंट चढ़ गए हैं। इससे पेयजल संकट होने के साथ ही पशु-पक्षियों के प्रजनन स्थल भी जलकर स्वाहा हो गए हैं।
उन्होंने आग बुझाने की जिम्मेदारी राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग एवं अग्निशमन विभाग को देने की मांग की है। कहा यदि इसी तरह आग लगने का सिलसिला जारी रहा, तो पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल, चारापत्ती का संकट हो जाएगा।