अचानक मौसम में परिवर्तन होने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया। ओपीडी में मरीजों की पर्ची काउंटर से लेकर डाक्टरों के कक्ष के बाहर तक कतार लगी रही। यहां तक अदंर जगह न होने से लोग बाहर अस्पताल की सीढ़ियों पर बैठकर इंतजार करते दिखाई दे दिए। जिनमे अधिकतर मरीज निमोनिया, कोल्ड डायरिया,लूजमोशन,जुखाम,सीजनल फीवर,सिरदर्द, उल्टी,दस्त के ज्यादातर मरीज आए। सोमवार को एक दिन की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल खुला सुबह से ही मरीजों की पर्ची बनवाने के लिए लाइन लगने लगी। दोपहर 2 बजे तक 750 मरीजों ने पर्ची बनवाई।
लोगों को निकलने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसकी वजह से डाक्टर विशाल अग्निहोत्री ने मरीजों को ओपीडी की छत पर बुलाकर देखा, उन्होंने बताया कि दोपहर दो बजे तक उनके पास 250 मरीज आए। तीन की हालत ठीेक न होने पर उनको ओपीडी भेज दिया। उनके पास निमोनिया, मलेरिया और कोल्ड डायरिया के सबसे अधिक मरीज आए।
औषधि कक्ष पर मरीजों की सोमवार को लंबी कतार लग गई। मरीजों को समय से दवाएं मिल सके , इसके लिए काउंटर पर पांच लोगों को लगाया , जिससे कोई मरीज बिना दवा लिए नहीं लौटा। हालांकि भीड़ अधिक होने पर मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करने में थोड़ा समय जरूर लगा। दोपहर डेढ़ बजे तक दवा का वितरण किया गया। नंबर में लगकर दवा न लेने सेे मरीजों की आपस में नोझ झोंक भी हुई। लेकिन बाद में मामले को संभाल लिया गया।