सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा शर्मनाक है। एक तरफ तो पाकिस्तानी सेना सीमा पर हमारे जवानों पर हमले करने में शामिल है और दूसरी तरफ सिद्धू वहां के सेना प्रमुख से
गले मिल रहे हैं। क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि सिद्धू हमारे जवानों की हत्या किए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त कर रहे थे? सिद्धू इसके लिए माफी मांगे।
श्वेत मलिक, पंजाब भाजपा प्रमुख
यह सिद्धू की निजी यात्रा है, पर उनका पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले मिलना निंदनीय है।
हरपाल सिंह चीमा, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
पूरा राष्ट्र पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के कारण शोक में डूबा है। ऐसे समय में यह आवश्यक हो जाता है कि कोई मंत्री किसी समारोह में शिरकत न
करे। यही नहीं पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान के साथ बैठे पाकिस्तानी सेना प्रमुख से सिद्धू का गले मिलना भारतीय सशस्त्र सेनाओं के लिए गलत संदेश
देता है।
दलजीत सिंह चीमा, शिअद के प्रवक्ता
सिद्धू का शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेना ‘देशद्रोह का काम’ है। इसे देश के किसी भी देशभक्त नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।